सुरक्षित मातृत्व व जनसंख्या स्थिरीकरण को प्रोत्साहित करने का हो रहा प्रयास

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> जिले में सुरक्षित मातृत्व व परिवार नियोजन संबंधी उपायों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान पीएमएसएमए व परिवार नियोजन का साथ-साथ आयोजन किया गया। पीएमएसएमए अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करायी गयी। इसे लेकर स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष शिविर आयोजित किया गया। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में गर्भवती महिलाओं की खून&comma; पेशाब&comma; शुगर&comma; ब्लड प्रेशर&comma; एचआईवी सहित अन्य जरूरी जांच की सुविधा प्रदान की गयी। महिलाओं के पोषण स्तर की जांच करते हुए सुरक्षित प्रसव के लिये जरूरी सुझाव दिये गये। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस क्रम में उन्हें संस्थागत प्रसव के लिये प्रेरित किया गया। वहीं परिवार नियोजन दिवस को लेकर महिलाएं व योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन संबंधी विभिन्न उपायों की जानकारी देते हुए उन्हें विभिन्न स्थाई विभिन्न अस्थाई साधनों की उपयोगिता व महत्व से अवगत कराया गया। गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों पर इस तरह के आयोजन की योजना बनाई गयी है। ताकि लोगों को नियमित रूप से आवश्यक सेवाओं का लाभ मिलता रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सुरक्षित मातृत्व व नियोजन के प्रति जागरूकता जरूरी<br &sol;>सदर अस्पताल की महिला चिकित्सक अनामिका माला ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिये स्वास्थ्य संस्थानों पर हर महीने आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान व परिवार नियोजन दिवस का सफल आयोजन महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से गर्भवती महिलाओं को न सिर्फ सुरक्षित मातृत्व सेवा प्रदान की जा रही है। बल्कि उन्हें उचित देखभाल&comma; प्रसव काल के दौरान बरती जाने वाली सावधानी&comma; उचित पोषण सहित अन्य जानकारी भी साझा किया जा रहा है। जो मातृ-शिशु मृत्यु संबंधी मामलों में कमी लाने के लिहाज से जरूरी है। वहीं परिवार नियोजन दिवस का उद्देश्य से योग्य दंपतियों को कुशल परिवार के निर्माण के प्रति जागरूक करना है। हर दंपति को परिवार नियोजन संबंधी विकल्पों के के प्रति जागरूक करना हमारा दायित्व है। जो महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिये जरूरी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>आगे भी जारी रहेगा हमारा ये प्रयास<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम संतोष कुमार ने बताया कि हर एक महिला को सुरक्षित मातृत्व व परिवार नियोजन संबंधी सेवाओं के प्रति जागरूक करना व संबंधित सेवाएं सुलभता पूर्वक उन तक पहुंचाना हमारा प्राथमिक लक्ष्य है। हमारा ये प्रयास आगे भी जारी रहेगा। पीएमएसएमए व परिवार नियोजन दिवस की सफलता यह साबित करता है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति धीरे-धीरे लोग जागरूक हो रहे हैं।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>उचित देखभाल व सेवा उपलब्ध कराने का हो रहा प्रयास<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने कहा कि हर गर्भवती महिला को समय पर उचित देखभाल व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने व उन्हें परिवार नियोजन सेवाओं के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिये पीएमएसएमए व परिवार नियोजन दिवस की सफलता महत्वपूर्ण है। ताकि जनसंख्या स्थिरीकरण व सुरक्षित मातृत्व को प्रोत्साहित किया जा सके। जो मातृ-शिशु मृत्यु दर पर प्रभावी नियंत्रण के लिये जरूरी है।<&sol;p>&NewLine;

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