सदर अस्पताल को एनक्वास व कायाकल्प प्रमाणीकृत बनाने की हो रही कवायद

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> सदर अस्पताल में उपलब्ध सेवाओं को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना विभाग की प्राथमिकताओं में शुमार है। इसे लेकर एनक्वास व कायाकल्प प्रमाणीकरण की प्रक्रिया जारी है। प्रमाणीकरण से संबंधित तैयारियों की समीक्षा के उद्देश्य से स्वास्थ्य अधिकारियों की विशेष बैठक सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की गयी। इसमें सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ आकाश कुमार राय&comma; डॉ जीतेंद्र कुमार&comma; डॉ राजेंद्र कुमार&comma; डीसीक्यूए मधुबाला&comma; अस्पताल प्रबंधक विकास आनंद&comma; संबंधित सभी विभाग के नोडल अधिकारी सहित पिरामल स्वास्थ्य के पीएल राजीव कुमार व यूनिसेफ के एडीसी राकेश कुमार व अन्य शामिल थे। बैठक में अस्पताल की गुणवत्ता मानकों को बढ़ाने व प्रमाणन प्रक्रिया को सफल बनाने संबंधी मामलों पर विस्तृत चर्चा की गयी। इसमें एनक्वास व कायाकल्प प्रमाणन आकलन की तैयारियां&comma; कार्ययोजना&comma; नीतियां&comma; ऑपरेटिंग प्रोसिजर यानी एसओपी&comma; गुणवत्ता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलू व आउटकम इंडिकेटर के सुधार को लेकर विस्तृत रणनीतियों पर विचार किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सेवाओं को गुणवत्तापूर्ण व मरीज केंद्रित बनाना प्रमाणीकरण का उद्देश्य<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने कहा कि एनक्वास व कायाकल्प प्रमाणीकरण के लिये निर्धारित मानकों को पूरा करना जरूरी है। निर्धारित मानकों में अस्पताल की सफाई व्यस्था&comma; मरीजों की संतुष्टी&comma; संक्रमण नियंत्रण संबंधी उपाय&comma; चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता व बुनियादी ढांचों की मजबूती सहित अन्य पहलू शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रमाणीकरण के लिये इससे जुड़े तमाम पहलूओं की उत्कृष्टता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ताकि सदर अस्पताल राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण प्रस्तुत कर सके। सिविल सर्जन ने कहा कि एनक्वास व कायाकल्प प्रमाणन का उद्देश्य केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करना नहीं&comma; बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि अस्पताल की सेवाओं को हर स्तर पर गुणवत्तापूर्ण व मरीज केंद्रित बनाना है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>प्रमाणीकरण के मानकों को प्राप्त करने में निभायें अपनी जिम्मेदारी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ आकाश कुमार राय ने कहा कि एनक्वास व कायाकल्प प्रमाणीकरण सामुहिक प्रयास से ही संभव है। लिहाजा सभी विभाग चिकित्सा&comma; नर्सिंग लैब या स्पोर्ट सर्विसेज सभी प्रमाणीकरण के निर्धारित मानकों को प्राप्त करने में अपनी जिम्मेदारी निभायें। अस्पताल प्रबंधक विकास आनंद ने सभी विभागों के इंचार्ज व सपोर्ट सर्विसेज टीम&comma; जीविका समूह&comma; सुरक्षा कर्मी&comma; लॉन्ड्री स्टाफ सहित अन्य प्रतिनिधियों के बीच आपसी समन्वय को बेहतर बनाते हुए प्रमाणीकरण की दिशा में कारगर पहल किये जाने की बात कही। बैठक में मौजूद सहयोगी संस्था पिरामल स्वास्थ्य के पीएल राजीव कुमार व यूनिसेफ के एडीसी राकेश कुमार ने अपने स्तर संबंधित कर्मियों को तकनीकी मार्गदर्शन व प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम हर संभव मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। बैठक में प्रत्येक विभाग को प्रमाणन प्रक्रिया के लिए एक समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने&comma; सभी स्टाफ को ऑपरेटिंग प्रोसिजर यानी एसओपी का प्रशिक्षण व उपलब्ध उपकरणों का प्रभावी उपयोग&comma; ओटी&comma; लैब&comma; प्रसव कक्ष&comma; वेटिंग एरिया को प्रमाणन के मानकों के अनुरूप तैयार करने के साथ-साथ अस्पताल के प्रदर्शन का नियमित मॉनिटर व निर्धारित परिणाम संकेतकों के आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कराने पर जोर दिया गया।<&sol;p>&NewLine;

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