बकरा नदी के विकराल रूप के कारण गुंजन चौक समेत करहवाड़ी वार्ड नम्बर एक व दो की अस्तित्व खतरे में

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> बकरा नदी नेपाल से निकलने के बाद बिहार के पिरगंज में प्रवेश करने के बाद सिकटी प्रखंड होकर पलासी प्रखंड में प्रवेश करने वाली तीव्र बहाव वाली नदी है। इनकी तेज धारा एवं सर्पीली चाल की वजह से इन्हें &&num;8220&semi;डायन&&num;8221&semi; भी कहा जाता है। इतना ही नहीं ये अपनी धारा बदलने में माहिर है। बाढ़ के समय इनके तांडव अर्थात कटान से अनेकों लोग बेघर हो जाते हैं।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बता दें कि गुंजन चौक और करहवाड़ी वार्ड नम्बर एक की&comma; ग्रामीणों में बीरेंद्र ठाकुर&comma; नवीन ठाकुर&comma; मायानंद झा&comma; कन्हैया झा&comma; गणेश ठाकुर&comma; अजय कुमार झा&comma; जीवानंद झा आदि ने बताया कि इस मुद्दे को पत्रकारिता और अन्य माध्यम से कई बार प्रखंड विकास पदाधिकारी&comma; अंचल पदाधिकारी&comma; विधायक जी एवं संसद जी को अवगत कराया जा चुका है लेकिन पिछले तीन वर्षों से केवल बाढ़ के समय प्रत्येक बार आश्वासन मिलने के बाद भी यहाँ पर अभी तक कोई कटाव निरोधक कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। लोगों ने बताया कि यदि समय रहते यहां पर आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से कटाव निरोधक कार्य प्रारम्भ नहीं किया जाता है तो कुछेक सालों में फलता &&num;8211&semi; फूलता गुँजन चौक बर्बाद हो जाएगा। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>क्योंकि बाढ़ के समय पूरा का पूरा गुंजन चौक ही पानी से डूब जाता है। ग्रामीणों के अनुसार गुँजन चौक पर मुख्य सड़क से महज 10 फिट पूरब में एक पोखर है और अब बकरा नदी ने इस बार उस पोखर को भी अपनी चपेट में ले लिया है। साफ शब्दों में कहे तो गुँजन चौक से नदी मात्र 10 फिट की दूरी तक आ जाती है। लोगों ने बताया कि यदि सरकार&comma; विभाग और नेतागण इस मुद्दे का जल्द से जल्द समाधान नहीं ढूंढते हैं तो बसा बसाया गुँजन चौक बर्बाद हो जाएगा और वहाँ पर व्यवसाय करने वाले लोगों के परिवार रोज़ी रोटी के लिये तरस जायेंगें।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं करहवाड़ी वार्ड नम्बर एक के ग्रामीण भी काफी डरे सहमे हुए हैं। उन्हें ये डर सता रहा है कि यदि बकरा नदी मुख्य सड़क को भी अपना चपेट में ले लिया तो वार्ड नम्बर एक में निवास करने वाले लगभग 300 परिवारों का अस्तित्व ही हमेशा के लिये समाप्त हो जायेगा। वार्ड नम्बर एक के ग्रामीण राजू&comma; प्रकाश&comma; सुभाष&comma; भवेश&comma; सामाजिक कार्यकर्ता दिवाकर झा&comma; अजित झा आदि ने सांसद&comma; विधायक एवं पदाधिकारियों से इस समस्या के समाधान का हल अविलंब निकालने की अपील की है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बेंगा पंचायत के वर्तमान मुखिया रवि कुमार झा उर्फ लाल बाबू एवं वर्तमान सरपंच सुरेंद्र कुमार पंजियार एवं समिति सदस्य सुरजीत कुमार यादव से जब इस संदर्भ में बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस बात की जानकारी पदाधिकारी&comma; संसद जी एवं विधायक जी को हमलोगों के द्वारा पूर्व में ही दी जा चुकी है। सरकार पंचायत स्तर पर इतनी बड़ी राशि मुहैया ही नहीं कराती है कि पंचायत स्तर इस वृहद कार्य को किया जा चुके। ये कार्य आपदा प्रबंधन विभाग या संसद और विधायक निधि से ही संभव है। उन्होंने ये भी बताया कि उस संदर्भ में हम सभी पंचायत प्रतिनिधि होने के कारण अपने पंचायत की इस भीषण समस्या को जिलास्तर पर भी अविलंब उठाकर इनका समाधान करने का प्रयास करूंगा।<&sol;p>&NewLine;

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