पुलिस की लापरवाही से पिटते रहे दिव्यांग और उसकी पत्नी, इंसाफ की गुहार लगाता रहा पीड़ित परिवार

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> राजधानी पटना के परसा बाजार थाना क्षेत्र के पलंगागंज मोहल्ला निवासी विकलांग उमेश पांडे और उनकी पत्नी अंजना देवी के साथ मारपीट की घटना ने पुलिस की लापरवाही को उजागर कर दिया है&period; पीड़ित का आरोप है कि बड़े भाई बसंत पांडे और उसके परिवार ने मिलकर 27 अप्रैल और 1 मई को उनके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की&period; इस दौरान कपड़े फाड़े गए और इज्जत से खिलवाड़ करने की कोशिश की गई&period;घटना की सूचना परसा बाजार थाना को दी गई&comma; लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई&period; पीड़िता 2 मई को फिर थाने पहुंची&comma; मगर थाना प्रभारी मेनका रानी से मुलाकात नहीं हो सकी&period; मौजूद पुलिसकर्मी ने कहा कि घर पर पुलिस भेजी जाएगी&comma; लेकिन देर रात तक कोई भी जांच के लिए नहीं पहुंचा&period; इसके बाद जब पीड़ित ने खुद थाना अध्यक्ष को कॉल किया तो उन्हें 112 डायल करने की सलाह दे दी गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उमेश पांडे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना के वरीय अधिकारियों तक गुहार लगाई है&period; वहीं&comma; थाना प्रभारी मेनका रानी ने कहा है कि दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है&period; कई बार मामले में समझौता कराने की कोशिश की गई है&comma; लेकिन समाधान नहीं निकल सका है&period; अब फिर से दोनों पक्षों को बुलाकर कार्रवाई की जाएगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>विकलांग उमेश पांडे का कहना है कि उनका पूरा परिवार दहशत में है और पुलिस की मिलीभगत के कारण आरोपी बड़े भाई पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है&period; उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बसंत पांडे ने रास्ते पर अवैध कब्जा कर रखा है और आठ साल पहले उनके हिस्से की जमीन भी बेच डाली&comma; जिसकी कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है&period; पीड़ित परिवार का कहना कि समझौते की बात पुलिस क्यों कर रही है जब मामला मारपीट का है&comma; संपत्ति हड़पने का है&period; उमेश पांडे का कहना है कि स्थानीय मुखिया से कई बार गुहार लगाए गए कोई सुनवाई नहीं हुई।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

राज्यसभा चुनाव हेतु राष्ट्रीय लोक मोर्चा से एनडीए उम्मीदवार होंगे उपेंद्र कुशवाहा

आंसुओं से उम्मीद तक : एम्स पटना ने लौटाई बचपन की मुस्कान

एम्स पटना में गूंजा ‘कुष्ठ-मुक्त भारत’ का संकल्प, लेपकॉन 2026 में जुटे 300 से अधिक विशेषज्ञ