नशीली पदार्थों के कारोबारी एसएसबी और पुलिस प्रशासन को दे रही है चुनौती

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> बताते चलें कि जहां सीमा की सुरक्षा को लेकर दिन रात सीमा पर तैनात एसएसबी के जवान रहते हैं। हर अवैध गतिविधि पर उनकी नजर रहती है&comma; फिर भी नशीली पदार्थों के अवैध कारोबारीयों का मनोबल इतना ऊंचा है कि दिन के उजाले में बेखौफ होकर मादक पदार्थों की तस्करी करते हैं। जबकि जोगबनी थाना क्षेत्र में लगभग प्रत्येक दिन चोरी छिपे तरीके से ले जा रहे नशीली पदार्थों के साथ तस्कर को गिरफ्तारी भी किया जाता है। यहां तक की जोगबनी पुलिस भी इस तरह के कारोबारी को पकड़ते भी हैं। स्थानीय लोग कहते हैं सीमा से सटे कई ऐसे टोले हैं जहां बड़े पैमाने पर नशीली दवाइयां स्मैक&comma;चरस&comma;नशीली सुई आदि नशीली पदार्थ की बिक्री धड़ल्ले से की जाती है। जिसकी सूचना बराबर पुलिस प्रशासन को दिया जाता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> फिर भी इस तरह के कारोबारियों पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। जिससे कम उम्र के युवा पीढ़ी बर्बाद होते दिख रहे हैं। एक तरफ युवाओं को नशा की लत से बचने के लिए जहां बिहार सरकार शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए हुए हैं। वहीं बिहार सरकार को चुनौती देते हुए नशीली पदार्थ के कारोबारीयों ने धड़ल्ले से नशीली पदार्थ बेच रहे हैं। सूत्र बताते है सीमा से सटे क्षेत्र इंदिरा नगर वार्ड-03&comma; टिककुलिया बस्ती&comma; इस्लामपुर&comma;आदि जगहों में छोटे-छोटे झोपड़ी में जैसे चाय&comma; नास्ते &comma; पान &comma; आदि दुकानों का सहारा लेकर नशीली पदार्थों के कारोबारी बड़ी आसानी से अपना गैरकानूनी धंधा चला रहे हैं। चंद रुपये की लालच में युवा पीढ़ी को नशे की दलदल में धकेल रहे है।लोग कहते है ऐसे कारोबारियों के पीछे कई राजनीतिक दल भी शामिल होने की संभावना है।जिससे नशीली पदार्थों के कारोबारी बड़ी आराम से बचते रहते है।<&sol;p>&NewLine;

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