सभी जिलों के डी.पी.सी. का फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम पर किया गया उन्मुखीकरण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> शुक्रवार को राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान में पूर्णिया जिला समेत राज्य के सभी 38 जिलों से आए डी&period;पी&period;सी&period; का फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम पर उन्मुखीकरण किया गया&period; कार्यक्रम में फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में सी&period;एच&period;ओ&period; की भूमिका की महत्ता पर चर्चा की गयी&period; सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए अपर निदेशक सह राज कार्यक्रम पदाधिकारी&comma; फ़ाइलेरिया डॉ&period; श्यामा राय ने कहा कि फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में सी&period;एच&period;ओ&period; की महत्वपूर्ण भूमिका है क्यूंकि उनका सीधा संवाद जनता से होता है&period; उन्होंने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर पंचायत स्तर पर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रथम पॉइंट है&period; उन्होंने सभी डी&period;पी&period;सी&period; से अपने जिले के सी&period;एच&period;ओ&period; को प्रशिक्षित करने पर बल दिया&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आयुष्मान आरोग्य मंदिर के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ&period; मनोज ने बताया सभी सी&period;एच&period;ओ&period; को फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के लिए सशक्त रूप से प्रशिक्षित करने की जरुरत है&period; पिरामल फाउंडेशन के तकनीकी एक्सपर्ट&comma; एन&period;टी&period;डी&period; डॉ&period; इंद्रनाथ बनर्जी ने फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम एवं कालाजार उन्मूलन के विभिन्न चरणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी&period; उन्होंने कहा कि एम&period;एम&period;डी&period;पी&period; फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण अंग है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>राज्य में फ़ाइलेरिया के 1&period;60 लाख मरीज हैं चिन्हित&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रतिभागियों का उन्मुखीकरण करते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्टेट एन&period;टी&period;डी&period; कोऑर्डिनेटर डॉ&period; राजेश पांडेय ने बताया कि अभी राज्य में फ़ाइलेरिया के 1&period;60 लाख मरीज चिन्हित हैं&period; उन्होंने फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम एवं कालाजार के बारे में विस्तार से बताया&period; उन्होंने बताया कि राज्य के 15 प्रतिशत क्षेत्र में फ़ाइलेरिया के प्रसार को कम करने में सफलता प्राप्त हुई है&period; उन्होंने प्रतिभागियों के सवालों का जवाब देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पिरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम डायरेक्टर&comma; बासब रूज ने प्रतिभागियों को बताया कि कैसे सी&period;एच&period;ओ&period; फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं&period; उन्होंने बताया कि नाईट ब्लड सर्वे और सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम में सी&period;एच&period;ओ&period; समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं&period; उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्तर पर एम&period;एम&period;डी&period;पी&period; क्लिनिक खोलने की जरुरत पर बल दिया&period; उन्होंने कहा कि सभी जिलों में डी&period;पी&period;सी&period; पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से सी&period;एच&period;ओ&period; को प्रशिक्षित करेंगे&period; सिफार के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक रणविजय कुमार ने फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में फ़ाइलेरिया मरीजों द्वारा किए जा रहे कार्यों की चर्चा की&period; उन्होंने कहा कि राज्य के बीस जिलों के चयनित प्रखंडों में सी&period;एच&period;ओ&period; की अध्यक्षता में गठित रोगी हितधारक मंच फ़ाइलेरिया मरीजों को सिस्टम से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राज्य सलाहकार फ़ाइलेरिया डॉ&period; अनुज सिंह रावत ने नाईट ब्लड सर्वे जिसे तीन चरणों में राज्य में संपादित किया जा रहा है पर विस्तार से चर्चा की&period; उन्होंने सभी शामिल प्रतिभागियों के कार्यक्रम में शामिल होने पर धन्यवाद ज्ञापित किया&period; कार्यक्रम में राज्य फ़ाइलेरिया कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मी&comma; विश्व स्वास्थ्य संगठन&comma; पिरामल फाउंडेशन एवं सिफार के प्रतिनिधियों ने शिरकत की&period; कार्यक्रम का संचालन पिरामल फाउंडेशन के आनंद कश्यप ने किया।<&sol;p>&NewLine;

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