आईएमए से जुड़े डॉक्टर अपनी पर्चियों पर लगायेंगे एमडीए की मुहर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> वर्ष 2027 तक फाइलेरिया उन्मूलन के लिए देश में अब एक साथ एमडीए यानी सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा&period; राज्य के 13 जिलों में 10 अगस्त को अभियान की शुरुआत की जाएगी&period; उक्त बातें अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम अधिकारी&comma; फाइलेरिया&comma; डॉ&period; परमेश्वर प्रसाद ने आईएमए एवं इंडियन अकादमी ऑफ़ पेडियाएटरिक्स के साथ एमडीए-फाइलेरिया के मेगा लांच को लेकर आयोजित संवेदीकरण कार्यशाला के दौरान कही&period; डॉ&period; प्रसाद ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन में आईएमए ने पहले भी सहयोग किया है&period; उन्होंने आईएमए से पुनः एमडीए में अधिक से अधिक लोगों द्वारा दवा सेवन करने के लिए सहयोग प्रदान करने की बात कही&period; कार्यशाला का उद्घाटन डॉ&period; परमेश्वर प्रसाद&comma; अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी&comma; वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम&comma; डॉ&period; अशोक कुमार&comma; आईएमए के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ&period; एस&period;ए&period;कृष्णा&comma; विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ&period; राजेश पांडेय द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आईएमए के सदस्य एमडीए-फाइलेरिया में करेंगे सहयोग &colon;<br>आईएमए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ&period; सहजानंद सिंह ने बताया कि आईएमए के सभी सदस्यों के साथ मिलकर फाइलेरिया उन्मूलन में सहयोग करने की कार्ययोजना बनायेंगे&period; साथ ही आईएमए के सभी चिकित्सकों के माध्यम से यह सुनिश्चित कराएंगे कि सभी डॉक्टर अपने पर्चे पर एमडीए का मोहर लगाएं&period; विश्व के 72 देशों में लगभग 86 करोड़ आबादी फाइलेरिया के खतरे में विश्व स्वास्थ्य संगठन के नेग्लेक्टेड ट्रॉपिकल डिजीज के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ&period; राजेश पांडेय ने बताया कि फाइलेरिया नेग्लेक्टेड ट्रॉपिकल डीजीज में एक प्रमुख रोग है&period; विश्व के 72 देशों में 85&period;9 करोड़ आबादी फाइलेरिया के खतरे में हैं&period; विश्व भर में फाइलेरिया विकलांगता का दूसरा प्रमुख कारण है&period; इससे विश्व भर में लगभग 200 करोड़ रूपये की आर्थिक क्षति होती है&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने बताया कि फ़ाइलेरिया उन्मूलन के लिए खर्च किए गए प्रति 1 डॉलर पर 25 डॉलर का फायदा होगा&period; डॉ&period; पांडेय ने बताया कि फाइलेरिया प्रबंधन एवं उन्मूलन की दिशा में मरीजों को न्यूनतम पैकेज ऑफ़ केयर प्रदान करने पर जोर दिया जा रहा है&period; जिसमें फाइलेरिया संक्रमण का उपचार&comma; एक्यूट अटैक का उपचार&comma; हाथीपांव का प्रबंधन एवं हाइड्रोसील का सर्जरी शामिल है&period; पिरामल के इंद्रनाथ बनर्जी ने भविष्य में पिरामल स्वास्थ्य आईएमए एवं इंडियन अकादमी ऑफ़ पेडियाएटरिक्स के साथ कैसे काम करेगा इसकी कार्ययोजना पर चर्चा की&period; इस दौरान उन्होंने फाइलेरिया प्रसार&comma; फाइलेरिया उन्मूलन रणनीति&comma; एमडीए&comma; एमएमडीपी सहित हाथीपांव के चरणों के विषय में विस्तार से जानकारी दी&period; इस दौरान आईएमए के राज्य सचिव डॉ&period; अशोक कुमार&comma; जिला सिविल सर्जन डॉ&period; मिथिलेश्वर कुमार&comma; स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर बसब रूज एवं फाइलेरिया के राज्य सलाहकार डॉ&period; अनुज सिंह रावत ने भाग लिया&period; इस दौरान पिरामल&comma;पीसीआई&comma; सीफ़ार&comma; लेप्रा&comma; जीएचएस एवं डब्लूएचओ के अधिकारी सहित आईएमए के अन्य चिकित्सक भी उपस्थित थे&period;<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

सिवान में भाजपा के दो दिवसीय ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026’ का भव्य शुभारंभ‎

स्वास्थ्य उप केंद्र का औचक निरीक्षण, लापरवाह कर्मियों पर होगी कार्रवाई

शेखपुरा में सरकारी चापाकालों पर अवैध कब्जे पर प्रशासन का एक्शन, 4 लोगों पर FIR के आदेश