डीएम ने अपने हाथों से की गेहूँ की कटनी, फसल उत्पादन का लिया जायजा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>शेखपुरा &colon; à¤‰à¤®à¥‡à¤¶ कुमार &colon; <&sol;strong>शेखर आनंद&comma; जिला पदाधिकारी शेखपुरा द्वारा जिले में रबी फसल की पैदावार का वास्तविक आंकलन करने के लिए खुद खेत में उतरकर &&num;8216&semi;क्रॉप कटिंग&&num;8217&semi; &lpar;फसल कटनी&rpar; प्रयोग का शुभारंभ किया। जिला पदाधिकारी ने चेवाड़ा प्रखंड के ग्राम सिझौड़ी पहुंचे&comma; जहाँ उन्होंने प्रगतिशील किसान अरुण कुमार यादव के खेत &lpar;खेसरा संख्या &&num;8211&semi; 960&rpar; में गेहूँ की कटनी कराई। निर्धारित मापदंडों के अनुसार&comma; खेत के एक निश्चित हिस्से &lpar;चयनित प्लॉट&rpar; में गेहूँ की कटनी की गई। प्रयोगकर्ता साकेत कुमार सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी चेवाड़ा थें। निरीक्षण के क्रम में खेत में 10&ast;05 मीटर 50 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फसल कटाई कर मेजिनी कर जिला पदाधिकारी महोदय के समक्ष वजन किया गया जिसमें 13 किलो 060 ग्राम प्राप्त हुआ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2026&sol;04&sol;img-20260413-wa0017226835665339328762-600x337&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-83480"><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> इस प्रयोग का मुख्य उद्देश्य जिले में प्रति हेक्टेयर गेहूँ के औसत उत्पादन का सटीक आंकड़ा प्राप्त करना है&comma; जिससे सरकारी योजनाओं और फसल बीमा के लाभ के लिए आधार तैयार किया जा सके। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी शेखपुरा के साथ प्रशासन के कई महत्वपूर्ण अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला कृषि पदाधिकारी&comma; जिला सांख्यिकी पदाधिकारी&comma; प्रखंड विकास पदाधिकारी&comma; चेवाड़ा&comma; अंचलाधिकारी चेवाड़ा चेवाड़ा<br &sol;>स्थानीय मुखिया जी&comma; के साथ वहां के किसान भी उपस्थित थें।<br &sol;><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला पदाधिकारी महोदय ने उपस्थित किसानों से बातचीत की और खेती में आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि क्रॉप कटिंग से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर ही जिले में अनाज उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित होता है। यह प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जा रही है ताकि किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन मिल सके और आपदा की स्थिति में उन्हें फसल बीमा का उचित लाभ मिल सके। जिला पदाधिकारी महोदय ने किसान अरुण कुमार यादव के प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य किसानों को भी आधुनिक कृषि यंत्रों और उन्नत बीजों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।<&sol;p>&NewLine;

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