जिलाधिकारी ने की विकास योजनाओं की समीक्षा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> जिलाधिकारी&comma; पटना शीर्षत कपिल अशोक ने पदाधिकारियों को पूर्ण पारदर्शिता&comma; उत्तरदायित्व एवं संवेदनशीलता के साथ जनहित की योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निदेश दिया है। वे आज समाहरणालय स्थित सभागार में विकास संबंधी योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार के विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं का उत्कृष्ट क्रियान्वयन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता अक्षम्य होगी। &ast;गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समयबद्ध ढ़ंग से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करें। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि हासिल करने के लिए सभी पदाधिकारी सजग&comma; तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस बैठक में जिलाधिकारी द्वारा विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। उप विकास आयुक्त&comma; पटना श्री तनय सुल्तानिया द्वारा पीपीटी के माध्यम से जिलाधिकारी के संज्ञान में सभी तथ्यों को लाया गया। मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना&comma; लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान&comma; पंचायत सरकार भवन&comma; प्रधानमंत्री आवास योजना &lpar;ग्रामीण&rpar;&comma; मनरेगा&comma; सामुदायिक भवन-सह-वर्कशेड निर्माण&comma; सोलर स्ट्रीट लाईट&comma; जल-जीवन-हरियाली अभियान सहित सभी विषयों पर जिलाधिकारी द्वारा एक-एक कर विस्तृत समीक्षा की गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>&lpar;1&rpar; प्रधानमंत्री आवास योजना &lpar;ग्रामीण&rpar; में वर्ष 2016-17 से 2021-22 में पूर्णता का प्रतिशत 98&period;42 है। आवास प्लस &lpar;2021-22&rpar; में 98&period;78 प्रतिशत पूर्ण है। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास सहायता योजना में वित्तीय वर्ष 2023-24 में निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध <em>शत-प्रतिशत स्वीकृति<&sol;em> प्रदान की गई है। जिलाधिकारी द्वारा शेष लंबित कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण करने का निदेश दिया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>&lpar;2&rpar; मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 में मानव दिवस सृजन में <em>लक्ष्य के विरूद्ध राज्य की उपलब्धि 98&period;02 प्रतिशत है जबकि पटना जिला की उपलब्धि 102&period;61 प्रतिशत<&sol;em> है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में मानव दिवस सृजन में लक्ष्य के विरूद्ध <em>राज्य की अद्यतन उपलब्धि 67&period;97 प्रतिशत है जबकि पटना जिला की उपलब्धि 109&period;79 प्रतिशत<&sol;em> है। जिलाधिकारी द्वारा इस पर <em>प्रसन्नता व्यक्त करते<&sol;em> हुए मानकों के अनुसार महिलाओं तथा अनुसूचित जाति- अनुसूचित जनजाति के सदस्यों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु कार्रवाई करने का निदेश दिया गया। मनरेगा अन्तर्गत जल-जीवन-हरियाली अभियान में उपलब्धि वित्तीय वर्ष 2024-25 में आहर में 51&comma; पईन में 139&comma; तालाब में 10 तथा फार्म तालाब के मामले में 22 है। जिलाधिकारी द्वारा पोखरों के सौंदर्यीकरण&comma; वृक्षारोपण&comma; मनरेगा पार्क&comma; छत वर्षा जल संरचना संचयन&comma; विद्यालयों की चाहरदीवारी&comma; खेल का मैदान इत्यादि पर विशेष ध्यान देने का निदेश दिया गया। सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत बकरी शेड&comma; गाय शेड निर्माण एवं अन्य घटकों पर कार्य करने का निदेश दिया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>&lpar;3&rpar; उप विकास आयुक्त द्वारा जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया गया कि फुलवारीशरीफ प्रखंड में <em>नवाचार संबंधी काफी कार्य<&sol;em> किया गया है। स्वच्छ गाँव-समृद्ध गाँव के तहत अनेक योजनाएं क्रियान्वित की गई है। <em>गोनपुरा मॉडल<&sol;em> का बेहतर ढ़ंग से क्रियान्वयन किया गया है। पंचायत सरकार भवन में सोलर स्ट्रीट लाईट&comma; मनरेगा पार्क&comma; पार्किग&comma; वृक्षारोपण&semi; लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान अन्तर्गत डोर-टू-डोर कचरा संगहण एवं प्रसंस्करण&comma; स्ट्रीट एवं नाली की सफाई तथा यूजर चार्ज संग्रहण&comma; जल-जीवन-हरियाली अभियान अन्तर्गत तालाब का जीर्णोद्धार तथा सौंदर्यीकरण&comma; सोक पिट&comma; ड्रेनेज एवं जंक्शन चैंबर&comma; बाल सुलभ आँगनबाड़ी केन्द्र&comma; सामुदायिक स्वच्छता परिसर&comma; हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर तथा उच्च माध्यमिक विद्यालय में <em>उत्कृष्ट कोटि का कार्य<&sol;em> किया गया है। जिलाधिकारी द्वारा इस पर <em>हर्ष व्यक्त किया गया तथा आगे भी अच्छा कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।<&sol;em><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>&lpar;4&rpar; जिलाधिकारी ने लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान अन्तर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन &lpar;ओडीएफ-प्लस&rpar; में प्रगति की समीक्षा की। वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 में 167 पंचायतों के 581 गाँव तथा 2&comma;240 वार्ड में 4&comma;18&comma;866 हाउसहोल्ड में लक्ष्य के विरूद्ध शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है। 167 पंचायतों में ई टिपर&comma; 2240 वार्ड में पेडल रिक्शा का क्रय करते हुए शत-प्रतिशत वार्ड में डोर-टू-डोर संग्रहण का कार्य प्रारंभ है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 122 पंचायतों के 501 गाँव तथा 1&comma;652 वार्ड में 3&comma;38&comma;812 हाउसहोल्ड में लक्ष्य के विरूद्ध शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है। 122 पंचायतों में ई टिपर&comma; 1&comma;652 वार्ड में पेडल रिक्शा का क्रय करते हुए शत-प्रतिशत वार्ड में डोर-टू-डोर संग्रहण का कार्य प्रारंभ है। 289 पंचायतों में राशि का हस्तांतरण किया गया था। इसमें शत-प्रतिशत पंचायतों में डोर-टू-डोर कार्य प्रारंभ के बाद 242 पंचायतों में यूजर चार्ज कलेक्शन प्रारंभ हो गया है। <em>जिलाधिकारी ने ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आगे भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित किया<&sol;em>।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>&lpar;5&rpar; जिलाधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाईट योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 तक 44&comma;560 के कुल लक्ष्य के विरूद्ध वित्तीय वर्ष 2022-23 में 12&comma;420 का कार्यादेश निर्गत किया गया है। सोलर स्ट्रीट लाईट के संस्थापन में निर्गत कार्यादेश के विरूद्ध उपलब्धि 74 प्रतिशत है। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज पदाधिकारी को निदेश दिया कि लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि हेतु तीव्रगति से कार्य किया जाए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>&lpar;6&rpar; जिलाधिकारी ने पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा में पाया गया कि निर्मित पंचायत सरकार भवनों की संख्या 54 है। 12 पंचायत सरकार भवन निर्माणधीन है। 121 पंचायत सरकार भवनों के निर्माण हेतु भूमि चिन्हित करने के उपरांत विभाग को भेजा गया है। जिलाधिकारी द्वारा लंबित कार्यों को तत्परता से पूर्ण करने का निदेश दिया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>&lpar;7&rpar; जिलाधिकारी ने सात निश्चय योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में कुल प्राप्त 32&comma;345 आवेदनों में 25&comma;342 आवेदन स्वीकृत करते हुए 24&comma;064 आवेदनों के विरूद्ध वितरण किया गया है जो स्वीकृत आवेदनों का 95 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता येाजना की समीक्षा में पाया गया कि कुल प्राप्त 33&comma;052 आवेदनों में 29&comma;376 आवेदन स्वीकृत करते हुए 25&comma;946 आवेदनों को केवाईपी &lpar;कुशल युवा कार्यक्रम&rpar; पोर्टल पर हस्तांतरित किया गया है जो स्वीकृत आवेदनों के अनुपात 88&period;3 प्रतिशत है। 29&comma;056 लाभुकों को स्वयं सहायता भत्ता योजना का लाभ मिल रहा है। यह उपलब्धि स्वीकृत आवेदनों के अनुपात में 98&period;9 प्रतिशत है। 15&comma;891 आवेदकों को प्रशिक्षित किया गया है। कुशल युवा कार्यक्रम के तहत कुल प्राप्त 1&comma;08&comma;368 आवेदनों में 99&period;8 प्रतिशत आवेदनों को निष्पादित किया गया है। 72&comma;794 आवेदकों को प्रशिक्षित किया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>&lpar;8&rpar; जिलाधिकारी द्वारा हर खेत तक सिंचाई का पानी योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इसके अन्तर्गत जल संसाधन विभाग द्वारा शत-प्रतिशत लक्षित योजनाओं के विरूद्ध कार्य प्रारंभ किया गया है तथा 90 प्रतिशत योजनाओं के विरूद्ध कार्य पूर्ण कर लिया गया है। लघु जल संसाधन विभाग द्वारा लक्षित योजनाओं के विरूद्ध 90&period;12 प्रतिशत योजनाओं पर कार्य प्रारंभ किया गया है तथा 49 प्रतिशत योजनाओं के विरूद्ध कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जिलाधिकारी द्वारा लक्ष्य के विरूद्ध शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिए तत्परतापूर्वक कार्य करने का निदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि हर खेत तक सिंचाई का पानी सात निश्चय भाग-दो का अहम हिस्सा है। उन्होंने निदेश दिया कि ससमय सभी योजनाओं की स्वीकृति इसी माह के अंत तक करते हुए लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा करना सुनिश्चित करेंगे<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>&lpar;9&rpar; जिलाधिकारी द्वारा सामुदायिक भवन-सह-वर्कशेड निर्माण योजना की समीक्षा की गई। इसमें पाया गया कि कुल स्वीकृत 52 योजनाओं में 17 पूर्ण है तथा 12 कार्य की प्रक्रिया में है। जिलाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 17 योजनाओं के लिए भूमि का प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निदेश दिया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिलाधिकारी ने कहा कि सभी पदाधिकारी जनहित के मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। आम जनता के कार्यों को संवेदनशीलता के साथ निष्पादित करें। उन्होंने कहा कि विकास के विभिन्न मानकों पर बॉटम-5 वाले प्रखंडों के पदाधिकारी स्थिति में तुरंत सुधार ले आएँ। अन्यथा उनके विरुद्ध ज़िम्मेदारी निर्धारित कर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत समस्त विकास कार्यक्रमों का नियमित अनुश्रवण करने का निर्देश दिया। इस बैठक में जिलाधिकारी के साथ उप विकास आयुक्त&comma; जिला पंचायत राज पदाधिकारी&comma; निदेशक डीआरडीए&comma; सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी&comma; प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी&comma; मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी एवं अन्य भी उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;

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