15 लखपति जीविका दीदियों को जिलाधिकारी ने किया सम्मानित

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली के पूसा स्थित राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्थान से &&num;8216&semi;सशक्त नारी-विकसित भारत&&num;8217&semi; कार्यक्रम को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का सम्बोधन सुनने हेतु बिहार के भिन्न-भिन्न जिले से जीविका दीदियों को आमंत्रित किया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस कार्यक्रम का लाइव स्ट्रीम पटना जिला समाहरणालय स्थित हिन्दी भवन में एन आई सी के माध्यम से हुआ। इस दौरान जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक&comma; जीविका दीदियाँ&comma; जीविका कर्मी तथा अन्य अधिकारी गण विडिओ-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री का अभिभाषण को सुना और महिलाएं किस तरह से पिछले कुछ सालों में स्वयं सहायता समूह की मदद से प्रगति पथ पर अग्रसर हैं वह भी जाना।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस दौरान समाहरणालय में जीविका के 15 लखपति दीदियों को जिलाधिकारी&comma; पटना श्री शीर्षत कपिल अशोक के द्द्वारा सम्मान पत्र देकर उन्हें प्रोत्साहित भी किया गया। अनुभव साझा करते हुये दीदियों ने कहा कि उनकी औसत आमदनी 15 से 20 हजार रुपये प्रत्येक महीने हो जाती है। इस दौरान जिलाधिकारी ने जीविका दीदियों के साथ संवाद किया एवं सरकारी विभागों के माध्यम से हर संभव सहयोग करने का भी भरोसा दिलाया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होने फुलवारी प्रखण्ड के चमन जीविका स्वयं सहायता समूह की टेंट हाउस की व्यवसाय करने वाली सीता दीदी को प्रथम एक लाख रुपये का टेंट का व्यवसाय सरकारी कार्यक्रमों में सीधे रूप से देने हेतु संबन्धित अधिकारी को निर्देशित किया&comma; जिसमें सीता दीदी के द्वारा संतोषजनक इस व्यवसाय को करने के उपरांत नियमानुसार इसी तरह के व्यवसाय देने के लिए भी जिलाधिकारी ने कहा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस दौरान अपनी अनुभव साझा करते हुए मसाला की व्यवसाय करने वाली मनीषा दीदी ने कहा कि वह आटा-सत्तू पीसने का मशीन बैठाई हैं और &&num;8216&semi;जीवक मसाले&&num;8217&semi; के नाम से पैकिंग भी करती हैं। उन्होने बताया कि उनका मासिक आमदनी 35 से 40 हजार रुपये तक हो जाती है। उन्हें पी&period; एमएफएमई के माध्यम से आर्थिक सहायता भी प्राप्त हुई है। इस बाबत जिलाधिकारी ने कहा कि यहाँ पर बेउर कारा में भी मसाला का निर्माण होता है उसे जीविका दीदियों के माध्यम से बेचकर आमदनी की जा सकती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समाहरणालय परिसर में उपस्थित 15 लखपति दीदियों में से कोई कपड़े का व्यवसाय&comma; कोई टेंट हाउस चलाती हैं&comma; कोई मसाला का व्यवसाय कर रही हैं तो कोई किराना दुकान चला रही है। इसमें फुलवारी की निशा दीदी सौन्दर्य प्रसाधन की दुकान चलाती है।<&sol;p>&NewLine;

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