पटना एम्स में सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर जिलाधिकारी और एसएसपी ने की अहम बैठक

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजीत यादव।<&sol;strong> अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान &lpar;एम्स&rpar;&comma; पटना में सोमवार को जिलाधिकारी डॉ&period; चंद्रशेखर सिंह और सीनियर एसपी आकाश कुमार ने एम्स प्रबंधन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में सुरक्षा व्यवस्था&comma; जल निकासी&comma; ट्रैफिक नियंत्रण&comma; लाइटिंग और अतिक्रमण जैसी प्रमुख समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बैठक के प्रमुख बिंदु&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सुरक्षा व्यवस्था&colon; एम्स परिसर और आसपास की सुरक्षा को और मजबूत करने के निर्देश।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जल निकासी समस्या&colon; एम्स के मुख्य द्वार और आसपास के क्षेत्र में जल-जमाव की समस्या के समाधान हेतु योजनाएं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सड़क और यातायात प्रबंधन&colon; ट्रैफिक जाम और अवैध पार्किंग से निपटने के लिए ट्रैफिक पोस्ट की स्थापना।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अतिक्रमण मुक्त परिसर&colon; एम्स के बाहर और गोलंबर क्षेत्र से अवैध वेंडिंग को हटाने के निर्देश।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सड़क लाइटिंग और स्वच्छता&colon; स्ट्रीट लाइट लगाने और कचरे के समुचित निस्तारण पर जोर।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>एम्स प्रशासन की चिंताएँ<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एम्स के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ&period; अनूप कुमार ने बताया कि रोजाना लगभग 4000-5000 मरीज ओपीडी में और 1200 मरीज आईपीडी में इलाज के लिए आते हैं। लेकिन संस्थान के मुख्य द्वार पर जल-जमाव&comma; अवैध पार्किंग और ट्रैफिक जाम के कारण रोगियों&comma; चिकित्सकों और कर्मचारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने यह भी बताया कि एम्स गोलंबर के पास अतिक्रमण बढ़ने से ट्रैफिक जाम की समस्या गंभीर हो गई है&comma; और संस्थान के चारों ओर स्ट्रीट लाइट और कचरा निस्तारण की भी जरूरत है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जिलाधिकारी के निर्देश<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिलाधिकारी डॉ&period; चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि एम्स एक उत्कृष्ट संस्थान है और इसकी समस्याओं का समाधान करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए&colon;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ol class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>एम्स को नगर क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए&comma; जिससे यहां सुविधाओं को बढ़ाया जा सके।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>एम्स के पास ट्रैफिक पोस्ट स्थापित किया जाए&comma; जिससे यातायात की समस्या का समाधान हो।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>बुडको द्वारा 11 किलोमीटर लंबी स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज प्रणाली तैयार की जा रही है&comma; जो मार्च तक पूरी होगी और जल-जमाव की समस्या को दूर करेगी।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>अतिक्रमण हटाने और अवैध वेंडिंग रोकने के लिए नियमित अभियान चलाया जाए।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>स्ट्रीट लाइट और कचरा निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।<&sol;li>&NewLine;<&sol;ol>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>समस्याओं के समाधान की ओर कदम<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिलाधिकारी ने विद्युत अभियंता&comma; अंचल अधिकारी&comma; प्रखंड विकास पदाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों को एम्स प्रबंधन के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया। अनुमंडल पदाधिकारी को इस कार्य का नियमित अनुश्रवण करने को कहा गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस बैठक के बाद&comma; एम्स पटना में सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर जल्द ही बड़े सुधार देखने को मिल सकते हैं। प्रशासन की तत्परता से मरीजों और आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

नौकरी का सुनहरा मौका : पटना में महिलाओं के लिए दो दिवसीय मेगा जॉब फेयर

नवजात बच्चे की पहली सांस बचाने के लिए एम्स में विशेषज्ञों ने किया मंथन

पटना साहिब विधानसभा के सभी मंडलों में होगा दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर