जिलाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक, दिए कई निर्देश

&NewLine;<p><strong><em>ब्यूरो रमेश शंकर झा<&sol;em><&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>समस्तीपुर&colon;<&sol;strong> जिलाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में जल जीवन हरियाली अभियान अंतर्गत जलाशयों के रखरखाव एवं प्रबंधन हेतु जिला स्तरीय समिति की समीक्षात्मक बैठक समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में आहूत की गई&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><em><strong>बैठक में जिलाधिकारी शशांक शुभंकर द्वारा दिए गए निम्नलिखित निर्देश&colon;-<&sol;strong><&sol;em><br>जिला परियोजना प्रबंधक जीविका को निर्देश दिया गया कि निदेशक लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन से तालाबों की सूची उपलब्ध कर&comma; 2 अच्छे और डेवलप्ड तालाब चिन्हित करें। जिसमें मत्स्य पालन हेतु&comma; 2 संगठन तैयार करें जिन्हें जिला मत्स्य पदाधिकारी के द्वारा प्रशिक्षित कराया जायेगा। मत्स्य पालन के लिए कम से कम 60 योग्य जीविका दीदियों को मत्स्य पालन विभाग द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण में मत्स्य पालन के साथ वित्तीय प्रबंधन पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><em><strong>उद्देश्य<&sol;strong><&sol;em><br>०१&period; जीविका के सामुदायिक संस्थानों द्वारा तालाबों&comma; आवंटित तालाबों का रखरखाव एवं प्रबंधन। ०२&period; मत्स्य पालन संबंधित जीविकोपार्जन गतिविधियों द्वारा आमदनी में वृद्धि लाना।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><em><strong>कार्यनीति<&sol;strong><&sol;em><br>०१&period; प्रारंभ में जल जीवन हरियाली अभियान के तहत बनाए गए सार्वजनिक जलाशयों को जीविका के सामुदायिक संस्थानों यथा ग्राम संगठन &lpar;भीओ&rpar;&sol;नोडल ग्राम संगठन को जीविकोपार्जन गतिविधि हेतु 5 वर्षों की अवधि के लिए नि&colon;शुल्क आवंटित किया जाएगा। ०२&period; आवंटित तालाबों का उपयोग सामुदायिक संस्थानों द्वारा मत्स्य पालन&comma; बत्तख पालन&comma; समेकित कृषि&comma; पार्क एवं पर्यटन इत्यादि जीविकोपार्जन गतिविधियों के लिए किया जाएगा। ०३&period; जीविका द्वारा जीविकोपार्जन गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए मछली उत्पादक समूहों &lpar;एफपीजी&&num;8217&semi;एस&rpar; का गठन किया जाएगा। ०४&period; जीविका के स्वयं सहायता समूह &lpar;एसएचजी&rpar; के सदस्य ही मछली उत्पादक समूह &lpar;एफपीजी&rpar; के सदस्य होंगे। इस बैठक में जिला परियोजना प्रबंधक जीविका&comma; जिला मत्स्य पदाधिकारी&comma; जिला पशुपालन पदाधिकारी&comma; जिला वन पदाधिकारी एवं संबंधित विभाग के अन्य कर्मी उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;

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