पावर सब स्टेशन निर्माण में अनियमितता पर जिला पार्षद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि ने उठाए सवाल

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर। <&sol;strong>फुलकाहा में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन पावर सब स्टेशन भवन के निर्माण कार्य में कथित अनियमितता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के आरोपों के बीच जिला पार्षद उपाध्यक्ष अररिया के प्रतिनिधि श्रवण कुमार दास ने कड़ी नाराजगी जताते हुए पूरे मामले की जांच कराने और दोषी संवेदक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से तैयार हो रहे पावर सब स्टेशन भवन के निर्माण में लोकल नदी के बालू&comma; पुराने ईंट और मानक-मापदंड के विपरीत सीमेंट का इस्तेमाल किया जाना गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे निर्माण कार्य प्रथम दृष्टया भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार की ओर संकेत करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी राशि से होने वाले विकास कार्यों में इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>श्रवण कुमार दास ने स्पष्ट किया कि मामले को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को लिखित शिकायत दी जाएगी तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में अनियमितता प्रमाणित होने पर संबंधित संवेदक और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>उच्चाधिकारियों तक पहुंचेगा मामला&comma; जांच का भरोसा &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मौके पर मौजूद भाजपा बिहार प्रदेश कार्य समिति सदस्य अशोक गुप्ता ने भी निर्माण कार्य में कथित अनियमितता पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सुशासन की सरकार में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मामले की जानकारी सरकार के उच्चाधिकारियों को देकर जांच कराई जाएगी&comma; ताकि सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी करने वालों पर नकेल कसी जा सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं&comma; उपस्थित ग्रामीणों ने भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी राशि का दुरुपयोग रोकने के लिए दोषी संवेदक के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। ग्रामीणों ने भवन निर्माण की तकनीकी जांच कराने और मानक के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों की शिकायत&comma; जनप्रतिनिधियों की नाराजगी और जांच की मांग के बाद अब सबकी नजर संबंधित विभाग की कार्रवाई पर टिकी है।<&sol;p>&NewLine;

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