शेखपुरा में मंदिर की ओर नाली का पानी बहाने को लेकर विवाद, ग्रामीणों में नाराजगी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत।<&sol;strong> शेखपुरा गांव स्थित मंदिर की ओर विद्यालय के नल और पानी की निकासी होने को लेकर ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन के बीच विवाद का माहौल बना हुआ है&period; ग्रामीणों का आरोप है कि उत्क्रमित मध्य विद्यालय शेखपुरा के नल से निकलने वाला पानी मंदिर की ओर बह रहा है&period; मंदिर में पूजा-अर्चना करने आने वाले लोगों के लिए यह रास्ता महत्वपूर्ण है&comma; लेकिन पानी बहने से रास्ते की स्थिति खराब हो गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>दरअसल&comma;उत्क्रमित मध्य विद्यालय शेखपुरा के शिक्षक पर सवाल उठ रहे हैं&comma;आरोप है कि मंदिर की ओर नाली का पानी गिराया जा रहा है&comma; जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है&comma; इस मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं&comma;आखिर मंदिर की ओर नाली का पानी क्यों बहाया जा रहा है&quest; जिम्मेदार कौन है&quest; अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मामले को लेकर मौके पर स्कूल के शिक्षक से सवाल किया गया तो उन्होंने मंदिर की ओर पानी जाने को गलत बताया&period; शिक्षक ने कहा कि पहले स्कूल का पानी दूसरी तरफ से निकलता था&comma; लेकिन जिस जमीन की ओर पानी जाता था&comma; वहां व्यवस्था बंद हो गई&period; उन्होंने पानी की निकासी की मौजूदा व्यवस्था के लिए ग्रामीणों को जिम्मेदार बताया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>शिक्षक का कहना था कि स्कूल की बाउंड्री बनने के दौरान ग्रामीणों ने वहां की व्यवस्था को अपने स्तर से बदल दिया&period; उन्होंने यह भी बताया कि वहां पहले एक बड़ा फूल का पेड़ था&comma; जिसे ग्रामीणों ने हटा दिया&period; शिक्षक के अनुसार फिलहाल पानी की निकासी के लिए अस्थायी व्यवस्था है और सोख्ता बनाने की बात कही गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं&comma; सवाल उठाने वालों का कहना है कि यदि पानी की निकासी की उचित व्यवस्था पहले से कर दी जाती तो मंदिर की ओर पानी नहीं बहता&period; ग्रामीणों के अनुसार करीब एक महीने से यह समस्या बनी हुई है&period; उनका आरोप है कि विद्यालय के नल से निकलने वाला पानी मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर बहता है&comma; जिससे पूजा करने आने वाले लोगों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी हो रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब विद्यालय की बाउंड्री बनाई गई तो पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं की गई&period; यदि पहले पानी दूसरी तरफ से निकलता था तो उसे बंद करने के बाद वैकल्पिक नाली या निकास की व्यवस्था क्यों नहीं की गई&period; ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय और मंदिर दोनों स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं&comma; इसलिए समस्या का स्थायी समाधान जल्द होना चाहिए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पानी की निकासी को लेकर गांव में बढ़ते विवाद के बीच अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर है&period; स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मौके की जांच कर पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था कराई जाए&comma; ताकि मंदिर जाने वाले रास्ते पर गंदा पानी जमा नहीं हो और विवाद समाप्त हो सके।<&sol;p>&NewLine;

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