एम्स पटना में भीष्म क्यूब का निरीक्षण करने पहुंचे आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत<&sol;strong>। बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने सोमवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान &lpar;एम्स&rpar;&comma; पटना का दौरा किया&period; इस दौरान उन्होंने आपदा एवं अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए विकसित भीष्म क्यूब का निरीक्षण किया और इसकी कार्यप्रणाली तथा उपयोगिता की जानकारी ली&period;मंत्री के एम्स दौरे के दौरान आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय&comma; आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया को मजबूत करने तथा बड़े हादसों के दौरान कम समय में अधिक से अधिक घायलों तक चिकित्सा सहायता पहुंचाने की तैयारियों पर जोर दिया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एम्स पटना के ट्रॉमा एंड इमरजेंसी विभागाध्यक्ष एवं भीष्म क्यूब के नोडल अधिकारी डॉ&period; अनिल कुमार ने मंत्री को भीष्म क्यूब की कार्यप्रणाली&comma; तैनाती और संचालन से जुड़ी विभिन्न जानकारियां विस्तार से दीं&period; उन्होंने बताया कि आपदा&comma; बड़े हादसे और सामूहिक दुर्घटनाओं जैसी परिस्थितियों में भीष्म क्यूब के माध्यम से मौके पर ही त्वरित चिकित्सा सहायता और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत किया जा सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मंत्री रत्नेश सादा ने भीष्म क्यूब के अंदर उपलब्ध सुविधाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था का निरीक्षण किया&period; उन्होंने आपदा की स्थिति में इसके प्रभावी उपयोग&comma; त्वरित चिकित्सा प्रतिक्रिया और स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर समन्वय को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली&period; इस दौरान आपदा की स्थिति में मरीजों तक समय पर चिकित्सा सुविधा पहुंचाने और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने को लेकर भी चर्चा हुई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो&period; &lpar;ब्रिगेडियर&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल और चिकित्सा अधीक्षक प्रो&period; डॉ&period; प्रशांत कुमार सिंह मौजूद रहे&period; इसके अलावा भीष्म क्यूब से जुड़े नर्सिंग कर्मी और अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी भी निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि भीष्म क्यूब का उपयोग विशेष रूप से ऐसी परिस्थितियों में किया जा सकता है&comma; जहां बड़ी संख्या में घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता हो&period; आपदा या सामूहिक दुर्घटना के दौरान अस्पताल पर अचानक बढ़ने वाले मरीजों के दबाव को देखते हुए ऐसी आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;

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