श्रीमद् भागवत कथा में भगवान के 24 अवतारों का वर्णन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटनासिटी&lpar;रॉबीन राज&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> राधेश्याम परिवार द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा प्रवक्ता श्री बलदेव जी त्रिपाठी ने सचो मुक्ति क्रम मुक्ति का वर्णन करते हुए भगवान के 24 अवतारों का वर्णन श्री कृष्ण साक्षात परम वृक्ष है तथा जी ईश्वर के विवेचन का प्रकाश डाला विदुर में सेवा है विराट शरीर की संरचना है एवं हिरण्याक्ष को निर्धनता का प्रतीक एवं शक्ति का दुरुपयोग बताते हुए कथा का श्रवण भक्तों को कराया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कथा में श्री राधेश्याम परिवार एवं जनता ज़नार्धन भी अध्यात्म और मंत्र मुक्त होकर कथा का सुमिरन की। नित्य नाटिका द्वारा शिव तांडव सती चरित्र का भक्तों के बीच प्रस्तुत किया गया। वहीं तीसरे दिन भंडारे स्वरूप पाव भाजी 1000 भक्तों के बीच एवं बच्चों के बीच जलेबी और लस्सी का वितरण किया गया। इस अवसर पर राधेश्याम परिवार की संस्थापिका शोभा गुप्ता&comma; चक्रेश अग्रवाल&comma; संयोजक आलोक गुप्ता&comma; संजय गोलवारा&comma; रंजीत मित्तल&comma; उज्जवल चौधरी&comma; विपुल जगनानी&comma; चंद अग्रवाल&comma; संगीता झुनझुनवाला&comma; सरोज जायसवाल&comma; सीमा शर्मा समेत अन्य सक्रिय रहे।<&sol;p>&NewLine;

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