जिले में सीमित होता जा रहा है डेंगू का प्रकोप

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;mark><&sol;strong> जिले में डेंगू का प्रकोप धीरे-धीरे सीमित होता जा रहा है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग संबंधित मामले को लेकर बेहद सजग व गंभीर है। गौरतलब है कि दिसंबर माह में अब तक जिले में डेंगू से संबंधित एक भी मामला सामने नहीं आया है। डेंगू संक्रमण के प्रसार के लिहाज से अक्टूबर माह बेहद संवेदनशील रहा। अक्टूबर महीने में डेंगू के सबसे अधिक 54 मामले सामने आये। इससे पहले जिले में बीते अगस्त माह में डेंगू के महज 03 मामले मिले। वहीं सितंबर में 300 मामले चिह्नित किये गये। नवंबर महीने में जिले में डेंगू के कुल 41 मामले सामने आये। इसमें अधिकांश मरीज फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। बहरहाल अब तक कुल 131 लोग डेंगू संक्रमण के शिकार हो चुके हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया व फारबिसगंज में मिले सबसे अधिक मरीज &&num;8211&semi;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>जिले में अब तक कुल 131 लोग डेंगू संक्रमण के शिकार हो चुके हैं। इसमें अधिकांश मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। फिलहाल जिले में डेंगू का एक एक्टिव मामला नहीं है। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक अब तक अररिया में डेंगू के 45&comma; फारबिसगंज में 46&comma; नरपतगंज में 13&comma; रानीगंज में 10&comma; कुर्साकांटा में 03&comma; जोकीहाट में 02&comma; सिकटी में 02&comma; भरगामा में 01 मरीज मिले हैं। पलासी जिले का एक मात्र प्रखंड है जहां से अब तक डेंगू का एक भी मामला सामने नहीं आया है। इसके अतिरिक्त 01 मरीज खगड़िया&comma; 01 कटिहार&comma; 01 बक्सर&comma; 01 मरीज गोपालगंज व 02 मरीज सुपौल जिले से संबंद्ध हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>डेंगू नियंत्रण संबंधी उपायों के प्रति विभाग गंभीर-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि हाल के दिनों में डेंगू से संबंधित कोई मामला सामने नहीं आया है। जो डेंगू संक्रमण के प्रसार में आ रही गिरावट का संकेत है। बावजूद इसके संभावित खतरों को लेकर स्वास्थ्य बेहद सजग व गंभीर है। एक तरफ जहां इलाज के लिये अस्पताल आने वाले सभी बुखार पीड़ित मरीजों के ब्लड सैंपल की जांच की जा रही है। वहीं रोग सत्यापन के लिये संभावित सभी मरीजों का एलीजा टेस्ट भी जारी है। वहीं प्रभावित शतप्रतिशत इलाकों में छिड़काव का कार्य संपन्न हो चुका है। उन्होंने कहा कि डेंगू के मामलों में कमी आयी है। लेकिन इसे लेकर एहतियात बरतना अभी जरूरी है।<&sol;p>&NewLine;

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