जिले में तेजी से बढ़ रहे हैं डेंगू के मामले, एहतियात जरूरी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> जिले में बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद डेंगू संबंधी मामलों में तेजी देखी जा रहा है&period; जिले में अब तक डेंगू के 10 मामले सामने आ चुके हैं&period; ग्रामीण इलाकों के साथ अब शहरी इलाकों में भी डेंगू का प्रसार देखा जा रहा है&period; अब तक फारबिसगंज से 06 रानीगंज से 01&comma; अररिया से 02 व नरपतगंज से डेंगू के 01 मामले सामने आये हैं&period; डेंगू के सभी 10 मरीजों में 10 ग्रामीण इलाके से व 02 मरीज शहरी इलाके से संबंद्ध हैं&period; सभी मरीजों में डेंगू का सत्यापन एलीजा टेस्ट में हुआ है&period; गौरतलब है कि डेंगू संबंधी  मामलों के प्रारंभिक जांच के लिये जिले के सभी प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में एनएस-1 कीट उपलब्ध कराया गया है&period; एनएस-1 कीट के माध्यम से प्रारंभिक जांच में डेंगू का मामला प्रतीत होने पर इसके सत्यापन के लिये मरीजों को सदर अस्पताल भेजा जाता है&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जहां एलीजा टेस्ट के माध्यम से जांच संबंधी उपलब्ध है&period; एलीजा टेस्ट में जांच रिपोर्ट पॉजेटिव आने पर डेंगू का मामला सत्यापित माना जाता है&period; तत्काल बाद से रोगियों को उपचार संबंधी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराया जाता है&period; किसी मरीज का प्लैटलेट्स निर्धारित संख्या से कम होने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिये पूर्णिया मेडिकल कॉलेज भेजे जाने का उचित प्रबंध किया गया है&period; ऐसे मरीजों को विभाग द्वारा नि&colon;शुल्क एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराया जा रहा है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>डेंगू मरीजों के इलाज की है समुचित सुविधा<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि डेंगू संक्रमण के प्रसार के लिहाज से अक्टूबर का महीना बेहद संवेदनशील है&period; बीते दिनों जिले में हुई मूसलाधार बारिश के बाद जगह-जगह जल जमाव की स्थिति बनी हुई है&period; अगर इसके बाद भी गर्मी पूर्व की तरह बरकरारा रहा तो डेंगू का तीव्र प्रसार संभावित है&period; जैसे जैसे ठंड का मौसम असर दिखाना शुरू करेगा&period; डेंगू संबंधी मामलों में कमी संभव है&period; उन्होंने कहा कि जिले में रोग नियंत्रण संबंधी पुख्ता इंतजाम किये गये हैं&period; डेंगू मरीजों को समुचित उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिये सदर अस्पताल&comma; अनुमंडल अस्पतल विशेष वार्ड बनाया गया है&period; सभी पीएचसी में मरीजों के लिये विशेष बेड आरक्षित रखे गये हैं&period; ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बचाव संबंधी उपायों पर अमल जरूरी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वीबीडीसीओ राम कुमार ने बताया कि जिले में डेंगू संबंधी मामलों में तेजी देखी जा रही है&period; इसे लेकर इससे बचाव संबंधी उपायों पर गंभीरता पूर्वक अमल करना जरूरी हो गया है&period; डेंगू का मच्छर दिन में काटता है&period; ऐसे में इससे बचाव के लिये विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है&period; अपने घर व आसपास पानी जमा नहीं होने दें ताकि इसमें मच्छर नहीं पनप सके&period; आस-पास के माहौल को स्वच्छ व सुंदर बनाये रखें&period; दिन के समय में भी मच्छरों से खुद के बचाव के लिये शरीर को ढ़क कर रखने व मच्छर को दूर रखने वाले क्रीम&comma; लिक्विड सहित अन्य उत्पाद का सहारा लिया जा सकता है&period;<&sol;p>&NewLine;

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