अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पटना में नर्सिंग छात्रों के लिए आभासी वास्तविकता आधारित प्रशिक्षण मॉड्यूल का प्रदर्शन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान &lpar;एम्स&rpar; पटना के सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग एवं नर्सिंग महाविद्यालय की ओर से नर्सिंग शिक्षा को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम पहल की गई&period; झपाइगो बिहार&comma; बिहार नर्सिंग पंजीकरण परिषद&comma; भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना एवं नवाचार आधारित स्टार्टअप एओनिक्स के सहयोग से तथा आईसीआईसीआई फाउंडेशन&comma; पटना के वित्तीय सहयोग से नर्सिंग शिक्षा के लिए आभासी वास्तविकता आधारित मॉड्यूल का प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यह कार्यक्रम 17 जनवरी 2026 को एम्स पटना परिसर में आयोजित हुआ&period; कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार के नर्सिंग छात्रों की क्षमता निर्माण&comma; कौशल विकास एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाना रहा&comma; ताकि आभासी वास्तविकता आधारित अनुभवात्मक तकनीक को नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रभावी रूप से जोड़ा जा सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए डॉ&period; शमशाद अहमद&comma; अतिरिक्त प्राध्यापक&comma; सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग&comma; एम्स पटना ने कहा कि आभासी वास्तविकता तकनीक नर्सिंग शिक्षा में व्यावहारिक कौशल अर्जन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है&period; इससे छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों के समान प्रशिक्षण का अनुभव मिलेगा। झपाइगो बिहार के कार्यक्रम निदेशक डॉ&period; नरोत्तम प्रधान ने आभासी वास्तविकता मॉड्यूल के विकास की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें एम्स पटना द्वारा तकनीकी एवं शैक्षणिक स्तर पर महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; संजय पांडेय&comma; अधिष्ठाता &lpar;अनुसंधान&rpar; एवं विभागाध्यक्ष&comma; सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग&comma; एम्स पटना ने नर्सिंग कैडर में आभासी वास्तविकता तकनीक के भविष्यगत उपयोग और इसके विस्तार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की&period; उन्होंने कहा कि इस तकनीक के माध्यम से नर्सिंग शिक्षा को और अधिक व्यावहारिक एवं प्रभावी बनाया जा सकता है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; पूनम प्रसाद भदानी&comma; अधिष्ठाता &lpar;शैक्षणिक&rpar;&comma; एम्स पटना ने अपने संबोधन में चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा में आभासी वास्तविकता के शैक्षणिक एकीकरण पर जोर दिया&period; उन्होंने कहा कि इस तरह के नवाचारी शिक्षण उपकरण बिहार के स्वास्थ्य कार्यबल को सुदृढ़ करने में सहायक साबित होंगे&period; कार्यक्रम का समापन अनुभवात्मक सत्र के साथ हुआ&comma; जिसमें अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने आभासी वास्तविकता हेडसेट और मॉड्यूल का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

महा शिवरात्रि महोत्सव शोभा यात्रा निकाला गया

हांडी साहिब गुरुद्वारामें बनेगी रिहाईश, कार सेवा दिल्ली को मिली अहम जिम्मेवारी

रेल समस्याओं को लेकर रेल मंत्री से मिले सांसद कौशलेंद्र कुमार