डीडीसी ने बच्चों को दवा पिलाकर की मिशन इन्द्रधनुष अभियान की शुरुआत

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;strong> जिले में सोमवार को मिशन इन्द्रधनुष 4&period;0 कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत हुई। अररिया आरएस स्थित नया टोला वार्ड नंबर 2 में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त मनोज कुमार ने बच्चों को दवा पिलाकर अभियान का विधिवत उद्घाटन किया। इस क्रम में उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से जरूरी अभियान के संबंध में जरूरी पड़ताल की। साथ ही अभियान की सफलता को लेकर जरूरी दिशा निर्देश दिये। मौके पर सिविल सर्जन डॉ विधानंचद्र सिंह&comma; डीआईओ डॉ मोईज&comma; डीपीएम रेहान अशरफ&comma; एमओआईसी अररिया डॉ जावेद&comma; एसएमसी यूनिसेफ आदित्य कुमार&comma; डब्ल्यूएचओ के विवेक कुमार&comma; बीएचएम अररिया सइदुर्रजम्मा&comma; बीसीएम जय कुमार&comma; अबु सूफियान सहित अन्य विभागीय कर्मी मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>टीकाकरण कई जानलेवा बीमारियों से बचाव संभव &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त मनोज कुमार ने कहा कि कई तरह के गंभीर रोगों से बचाव को लेकर दो साल तक के छोटे बच्चे व गर्भवती महिलाओं को टीकाकृत किया जाना है। इस लिहाज से मिशन इन्द्रधनुष कार्यक्रम को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया। डीडीसी ने कहा कि मातृ-शिशु मृत्यु दर के मामलों में पूर्ण टीकाकरण जरूरी है। महामारी के दौर में नियमित टीकाकरण की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। इसमें सुधार को लेकर निर्धारित माइक्रोप्लान के आधार पर टीकाकरण से वंचित बच्चे व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण&comma; अभियान का मुख्य उद्देश्य है। अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को जरूरी सूझाव दिये। नियमित समीक्षा करते हुए अभियान की बेहतर उपलब्धि सुनिश्चित कराने का उन्होंने निर्देश दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>छूटे हुए बच्चे गर्भवती माताओं का टीकाकरण अभियान का उद्देश्य &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने कहा कि जिले में मिशन इन्द्रधनुष का दूसरा चरण संचालित किया जा रहा है। टीका से वंचित दो साल से कम उम्र के बच्चे व सभी गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के दायरे में लाना अभियान का मुख्य उद्देश्य है। डीआईओ डॉ मो मोईज ने कहा कि अभियान जिले के सभी प्रखंडों में संचालित किया जा रहा है। नियमित टीकाकरण के दौरान कम उपलब्धि वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर सत्र का संचालन किया जा रहा है। ताकि छूटे बच्चे व गर्भवती माताओं का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण संभव हो सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>दो साल तक के 5012 बच्चे व 902 गर्भवती का टीकाकरण लक्ष्य &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अभियान के संबंध में जानकारी देते हुए डीपीएम स्वास्थ्य रेहान अशरफ ने कहा कि मिशन इन्द्रधनुष के तहत दो साल से कम उम्र के 5012 बच्चे व 902 गर्भवती महिलाओं को टीकाकृत करने का लक्ष्य है। इसे लेकर पूरे जिले में कुल 306 टीकाकरण सत्र संचालित किये जा रहे हैं। इस क्रम में गर्भवती महिलाओं को समुचित जांच के उपरांत आयरन व कैल्सियम की दवा नि&colon;शुल्क उपलब्ध कराया जाना है। साथ ही उन्हें टेटनेस व डिप्थेरिया का टीका लगाया जायेगा। वहीं दो साल से कम उम्र के बच्चों को बीसीजी&comma; ओपीवी&comma; पेटावलेंट&comma; रोटा वैक्सीन&comma; आईपीवी&comma; मिजल्स&comma; विटामीन ए&comma; डीपीटी बूस्टर सहित अन्य टीके लगाये जायेंगे।<&sol;p>&NewLine;

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