वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ भाकपा (माले) की रणनीति तैयार, गांधी मैदान सम्मेलन को सफल बनाने का किया गया आह्वान

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फुलवारीशरीफ&comma; अजित। बिहार में प्रस्तावित वक्फ संशोधन विधेयक और आगामी मानसून सत्र में पेश होने वाले पूरक बजट को लेकर भाकपा &lpar;माले&rpar; ने अपनी रणनीति तेज कर दी है&period; रविवार को फुलवारी शरीफ स्थित भाकपा &lpar;माले&rpar; विधायक कामरेड गोपाल रविदास के आवास पर विधायक दल के नेता एवं बलरामपुर के विधायक महबूब आलम पहुंचे&period; दोनों नेताओं के बीच अहम राजनीतिक विमर्श हुआ&comma; जिसमें आने वाले दिनों की रणनीति और जनआंदोलन को लेकर विचार साझा किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>महबूब आलम ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया जा रहा वक्फ संशोधन विधेयक अल्पसंख्यकों&comma; खासकर मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर सीधा हमला है&period; उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की अगुवाई वाली डबल इंजन सरकार सिर्फ कॉरपोरेट परस्त नीतियों को लागू कर रही है और संविधान प्रदत्त अल्पसंख्यक अधिकारों को कुचलने का काम कर रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों को सरकारी नियंत्रण में लेने और सामुदायिक स्वायत्तता को खत्म करने की साजिश है&period; इसके खिलाफ पार्टी राज्यभर में जनजागरण अभियान चलाएगी&period; साथ ही गांधी मैदान&comma; पटना में आगामी दिनों में एक बड़े जन सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा&comma; जिसे सफल बनाने की अपील महबूब आलम ने की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>विधायक गोपाल रविदास ने कहा कि पार्टी सदन के भीतर और बाहर&comma; दोनों स्तरों पर सरकार की नीतियों का विरोध करेगी&period; उन्होंने कहा कि पूरक बजट में गरीबों&comma; मजदूरों&comma; किसानों और दलित-शोषित समुदायों की उपेक्षा की गई है&period; सरकार सिर्फ आंकड़ों का खेल दिखा रही है&comma; जबकि ज़मीनी हकीकत बिल्कुल अलग है।<&sol;p>&NewLine;

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