22.54 करोड़ वसूली को लेकर कोर्ट सख्त : रुक्मिणी बिल्डटेक को अंतिम मौका

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश&comma; पटना के न्यायालय में लंबित निष्पादन वाद संख्या 358&sol;2023 में 22&period;54 करोड़ के आर्बिट्रेशन अवार्ड की वसूली को लेकर कार्रवाई तेज हो गई है। गोपालपुर थाना क्षेत्र के एकतापुरम स्थित रुक्मणी बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय में न्यायालय का नोटिस पहुंचने के बाद परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई। यह अवार्ड 11 दिसंबर 2022 को केस संख्या 68&sol;2019 में &&num;8220&semi;पटना उच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजय करोल द्वारा नियुक्त&&num;8221&semi; सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति वी&period; एन&period; सिन्हा द्वारा पारित किया गया था&comma; जिसके अनुसार कंपनी को 22&comma;54&comma;59&comma;110 तथा नियमानुसार ब्याज का भुगतान करना है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>न्यायालय ने कंपनी तथा उसके निदेशकों अजीत आजाद एवं मानब कुमार सिंह को निर्धारित अवधि के भीतर अवार्ड की राशि जमा करने का निर्देश दिया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि भुगतान नहीं होने की स्थिति में कंपनी की चल एवं अचल संपत्तियों की कुर्की सहित अन्य विधी सम्मत निष्पादन कार्रवाई प्रारंभ की जा रही है। न्यायालयी सूत्रों के अनुसार&comma; यह निर्णय-ऋणी को दिया गया अंतिम अवसर माना जा रहा है। निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद न्यायालय विधि के अनुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उपलब्ध न्यायालयी एवं पुलिस अभिलेखों के अनुसार&comma; कंपनी के एक निदेशक के विरुद्ध विभिन्न न्यायालयों एवं थाना क्षेत्रों में कई मामले लंबित हैं। एक मामले में मधुबनी पुलिस द्वारा भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की गई थी। हालांकि&comma; उन मामलों में अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालयों द्वारा दिया जाना शेष है। इस मामले के डिक्रीधारक एवं पीड़ित भूस्वामी नागेश्वर सिंह स्वराज ने कहा कि उन्हें भारतीय न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है और उम्मीद है कि न्यायालय के आदेश के अनुरूप उन्हें शीघ्र न्याय मिलेगा।<&sol;p>&NewLine;

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