पटना में कोरोना की वापसी, छात्र की कोरोना से मौत!

<p><strong>पटना&colon;<&sol;strong> बिहार की राजधानी पटना में कोरोना एक बार फिर पांव पसारने लगा है। एनएमसीएच के एक एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र की मौत कोरोना से हो गई। उसके संपर्क में रहे चार अन्य छात्र संक्रमित हैं। इनमें दो का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। एनएमसीएच में मेडिकल छात्र की कोरोना से पहली मौत है। उसकी मौत की खबर मिलते ही कॉलेज में अफरातफरी की स्थिति मच गई है। मेडिकल छात्र शुभेंदु शेखर की मौत उनके गांव बेगूसराय के दहिया में हो गई। एमबीबीएस 2016 सत्र के छात्र शुभेंदु कॉलेज के ओल्ड ब्वॉयज हॉस्टल में रहते थे&period;<&sol;p>&NewLine;<p>मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ&period; हीरा लाल महतो ने बताया कि शुभेंदु शेखर ने पिछले महीने 24 तारीख को सर्दी-खांसी से पीड़ित होने के बाद अपना आरटीपीसीआर सैंपल दिया था। उसके बाद वे अपने गांव चले गए। रविवार को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। तब साथी छात्रों ने उन्हें वहीं होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी। सोमवार रात अचानक उनकी मौत की खबर एनएमसीएच पहुंची।मंगलवार को एमबीबीएस के चार और छात्र कोरोना पॉजिटिव पाए गए। अबतक आठ से 10 छात्रों के पॉजिटिव पाए जाने की आशंका सीनियर डॉक्टरों द्वारा जतायी जा रही है। एनएमसीएच के एक वरीय चिकित्सक ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव पाए गए दो अन्य छात्र निजी अस्पताल में भर्ती होकर अपना इलाज करा रहे हैं। कोरोना संक्रमित छात्रों के लिए अस्पताल में अलग से आइसोलेशन सेंटर बनाया जा रहा है&period;<&sol;p>&NewLine;<p>एक छात्र की मौत&comma; दो गंभीर होने और चार नए छात्रों के संक्रमित पाए जाने से एनएमसीएच के छात्रों से लेकर चिकित्सकों व शिक्षकों में दहशत कायम है। प्राचार्य हीरालाल महतो ने बताया कि कॉलेज परिसर में स्थित एक ओल्ड व दो न्यू हॉस्टल को सेनेटाइज कराया गया है। उन्होंने बताया कि इस समय कॉलेज में टर्मिनल परीक्षा चल रही है। ऐसी स्थिति में छात्रों से कहा गया है कि जो छात्र घर जाना चाहते हैं&comma; वे परीक्षा छोड़कर घर जा सकते हैं। प्राचार्य ने बताया कि सारी घटना से वरीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।<&sol;p>&NewLine;

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