कोरोना का संकट फिर गहराया, जरूरी तैयारी में जुटा विभाग

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;mark><&sol;strong> कोरोना का संकट एक बार फिर गहराने लगा है। देश के कुछ राज्यों में कोरोना का नया वैरिएंट सामने आने के बाद इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं फिर बढ़ गई है। बहरहाल इस नये वैरिएंट से फिलहाल जिलेवासियों को कोई खतरा तो नहीं दिखता है। बावजूद इसके सीमावर्ती जिला होने के कारण इसके निगरानी व नियंत्रण को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> संभावित मरीजों के जांच का दायरा बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सदर अस्पताल में 10 बेड क्षमता वाला विशेष वार्ड पूर्व से सुरक्षित रखा गया है। अस्पताल के 78 बेड पर सीधे ऑक्सीजन पाइप लाइन से जुड़े हैं। सदर अस्पताल परिसर स्थित आरटीपीसीआर जांच सेंटर पूर्व से संचालित है। संदेहास्पद मरीजों की जांच भी की जा रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>संभावित खतरों से निपटने के लिए विभाग तैयार<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना के नये वैरिएंट जेएन-1 को लेकर फिलहाल लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। राहत की बात है कि सूबे के किसी भी जिले में अबतक कोरोना के नये वैरिएंट से संबंधित मामला सामने नहीं आया है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर से इसे लेकर पूरी सावधानी व सतर्कता बरत रहा है। कोरोना के संभावित खतरों से निपटने के लिए अस्पतालों में पूर्व से पुख्ता इंतजाम उपलब्ध है। उपलब्ध इंतजामों को अद्यतन किया जा रहा है। पूर्व में प्राप्त अनुभवों के कारण हमारे स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मी कोरोना के संभावित किसी भी चुनौती से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सभी प्रखंडों को प्रतिदिन 20 आरटीपीसीआर जांच का लक्ष्य<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीपीएम संतोष कुमार ने बताया कि कोरोनो संक्रमण के संभावित खतरों को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण&comma; संभावित मरीजों को चिन्हित करने व&nbsp&semi; उपचार सेवाओं की तत्काल उपलब्धता संबंधी इंतजाम को अधिक उपयोगी व प्रभावी बनाने की पहल की जा रही है। इसे लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के भी स्तर से जरूरी निर्देश प्राप्त हुआ है। प्राप्त निर्देशों का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने की पहल की जा रही है। प्राप्त दिशानिर्देश के आलोक में सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारियों को आरटीपीसीआर जांच की संख्या बढ़ाने के लिये निर्देशित किया गया है। सभी प्रखंडों को प्रति दिन कम से कम 20 आरटीपीसीआर जांच का लक्ष्य दिया गया है।<&sol;p>&NewLine;

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