सीमावर्ती क्षेत्र में लगातार हो रहे बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> सीमवर्ती क्षेत्र में लगातार हो रहे झमाझम बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। नेपाल से निकलने वाली सभी नदियां उफान पर है। नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के नेपाल से निकलने वाले नदी खर्रा धार&comma;बलुआही&comma;एवं सुरसर नदी में जलस्तर के वृद्धि होने से बढ़ सा आ गई है। जिससे नदियों का पानी क्षेत्र के खेत खलियानों सहित निचले स्तर में बसे लोगों के घर में घुस गया है। हो रहे लगातार बारिश से लोगों में भय का माहौल है। लोग कहते हैं इसी तरह बारिश होता रहा तो जल्द ही भयानक बाढ़ का दृश्य देखने के लिए मिल सकता है। क्षेत्र के कई सड़कें के ऊपर से पानी बहने से जर्जर हो चुकी है। तो वहीं कई सड़क नाला में तब्दील हो गया है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नेपाल से बहने वाली बलुआही नदी में जलस्तर की वृद्धि होने से विभिन्न गांव मानिकपुर&comma; अमरोड़ी&comma; तोप नवाबगंज&comma; अचरा पंचायत के वार्ड-11और 12 एवं लक्ष्मीपुर मधुरा&comma; आदि में खेत में लगे धान की फसल बर्बाद हो रहा है। जिससे किसानों में मायूसी छाया हुआ है। इस बात को लेकर क्षेत्र के किसानों ने बताया कि समय रहते बलुआही धार का सफाई&comma; बांध का मरम्मत नहीं होने से हर साल हम लोगों को बाढ़ की समस्या से गुजरना पड़ता है।लाखों का नुकसान होता है। यहाँ तक कि इससे सरकारी राशि का भी बंदरबांट किया जाता है। जबकि जलसंसाधन विभाग को इसकी जानकारी बराबर दिया जाता है। सूचना पर विभगीय पदाधिकारी जांच की खानापूर्ति कर सो जाते है तथा बाढ़ की मार हम किसान झेलते है।<&sol;p>&NewLine;

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