राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर छाया कुंदन की पेंटिंग का रंग

<p><strong>समस्तीपुर&lpar;रमेश शंकर झा&rpar;&colon;<&sol;strong> निर्वाचन विभाग द्वारा पटना में 11वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। जिसमें जिले के मगरदही निवासी कुंदन कुमार रॉय को उनकी मतदाताओं को जागरूक करने के लिए बनाई पेंटिंग व अत्यंत सराहनीय सहभागिता के लिए राज्य स्तरीय सम्मान से सम्मानित किया गया। वहीं उनकों यह सम्मान मुख्य अतिथि के रूप में आए मुख्य सचिव बिहार सरकार दीपक कुमार&comma; प्रमंडल आयुक्त पटना संजय कुमार अग्रवाल&comma; पटना के डीएम चंद्र शेखर सिंह&comma; विभिन्न जिले के जिला अधिकारी&comma; पदाधिकारी व गणमान्य व्यक्तियों के बीच दिया गया&period;<&sol;p>&NewLine;<p>आपको बता दें कि यह पेटिंग राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर ना सिर्फ बिहार के समाचार पत्रों बल्कि सोशल व मीडिया में भी छाई रही। मतदाता जागरूकता रथ के बैनर पर शहर-गॉव में घूमती रही। इसके अलावा निर्वाचन आयोग के किताब पर&comma; बैनर पर&comma;<br &sol;>&NewLine;यहाँ तक की मुख्य अतिथि को सम्मान करने वाले स्मृति चिह्न पर भी अंकित थी। वहीं कुंदन राॅय की कई पेटिंग को मतदाता जागरूकता के लिए प्रचार प्रसार हेतु निर्वाचन विभाग द्वारा बिहार विधानसभा आम निर्वाचन&comma; 2020 में प्रयोग किया गया था। जिसे कुंदन राॅय एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानते हैं&period;<&sol;p>&NewLine;<p>वहीं कुंदन कुमार राॅय एक ऐसा नाम जो हुनर ही बन गई जिनकी पहचान कुंदन एक यूथ मोटीवेटर&comma; आर्टिस्ट&comma; एंकरिंग के साथ-साथ कभी-कभी सिंगिंग भी कर लेते है और सबसे बड़ी बात&comma; इन्हे कलर बलाईडनेस है। यह लाल&comma; हरा&comma; गुलाबी&comma;<br &sol;>&NewLine;भूरा&comma; कत्थई&comma; मैरून&comma; नीला इत्यादि कई रंगों को ठिक से देख नहीं पाते हैं। यह रंगों के नाम पढ़ कर रंगों का उपयोग करते हैं। इसके बावजूद भी इन्होंने रंगों से ही अपनी पहचान बनाई। अखिल भारतीय मिथिला संघक शोध पत्रिका &OpenCurlyDoubleQuote;तीरभुक्ती” &lpar;नई दिल्ली&rpar; व विश्व नव मैथिल संघक पत्रिका &OpenCurlyDoubleQuote;मिथिलांकुर” &lpar;नई दिल्ली&rpar; ने अपने आवरण स्थल पर कुंदन कुमार राॅय की पेटिंग को स्थान दिया है।<&sol;p>&NewLine;<p>उन्होंने नागपुर से एमबीए किया व प्राईवेट सेक्टर में जाॅब करते रहे फिर भी कुछ अलग करने की चाहत उन्हे यूथ मोटीवेशन व आर्ट की तरफ खिंचती थी। उनकी माँ की तबीयत खराब की वजह से बिहार वापस आए और यहाँ मोटीवेशन व आर्ट का काम शुरू किया और एक कड़े संघर्ष के बाद अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे।<&sol;p>&NewLine;<p>कुंदन राॅय नैशनल ह्युमन वेल फेयर काउंसिल&comma; गुरुग्राम के बिहार के यूथ प्रेसीडेंट है&comma; &OpenCurlyDoubleQuote;माय प्लेनेट माई नीड” के ब्रांड एम्बेसडर है। कुंदन सरकारी&comma; गैर-सरकारी संस्थाओं के साथ जुड़ कर बच्चों&comma; महिलाओं व युवाओं को मोटीवेट करते है। श्री राॅय ने पीपल के पेड़ के नीचे बस्ती के बच्चों&comma; जिला उद्योग केन्द्र&comma; माइक्रो स्माल एंड मीडियम एंटरप्राइज&comma; नवार्ड&comma; राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक&comma;<br &sol;>&NewLine;आगा खान चैरिटेबल ट्रस्ट&comma; ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान&comma; नैशनल ह्यूमन वेल फेयर काउंसिल से लेकर छोटे बड़े स्कूल&comma; कालेज व अन्य संस्थाओं में बच्चों&comma; महिलाओं&comma; युवाओं के लिए यूथ मोटीवेशन का काम किया है।<&sol;p>&NewLine;<p>वहीं ख्वाब फाउंडेशन के द्वारा आयोजित कलाम यूथ लीडरशिप कॉन्फ्रेंस 2019 के बेस्ट ब्रांड एम्बेसडर कुंदन राॅय को इंटरनेशनल स्पीकर के तौर पर आमंत्रित किया गया था और कलाम यूथ लीडरशिप अवार्ड से नवाजा गया था। इस कार्यक्रम में बांगलादेश&comma; नेपाल&comma; अफगानिस्तान&comma; इराक&comma; भूटान&comma; श्रीलंका इत्यादि से प्रतिनिधि उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>कोरोना थीम पर बनाई पेंटिंग भी हुई थी वारल&colon;-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>कुंदन राॅय कहते हैं अपनी कमियों से डरे नहीं बल्कि उसे अपना हथियार बनाएं और आगे बढ़ते रहे। कोरोना और लाॅकडाउन के समय मे जब सब कुछ मानो थम सा गया था ऐसे में कुंदन राॅय ने पीएम नरेन्द्र मोदी के आह्वान के समर्थन में कोरोना मुक्त भारत बनाने के लिए व इसके चेन को तोड़ने के लिए &OpenCurlyDoubleQuote;22 मार्च का जनता कर्फ्यू ” से लेकर आज तक कोरोना महामारी की जानकारी&comma; बचाव व प्रधानमंत्री के कोरोना के हर आह्वान के सपोर्ट मे मिथिला पेंटिंग बनाकर लोगों को संदेश दिया जो सोशल मिडिया&comma; प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में बहुत वायरल हुआ है।<&sol;p>&NewLine;<p>कुंदन राॅय ने जिले में महिलाओं को राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक &lpar;नाबार्ड&rpar; के साथ मिलकर मास्क पर मिथिला पेंटिंग की ट्रेनिंग भी दिया और उन्हे स्वरोजगार के लिये प्रेरित किया। बचपन में अपनी माँ रमा राॅय के पैर पर सुन्दर डिजाइन बनाते बनाते कुंदन धीरे-धीरे पद्मभूषण शारदा सिन्हा के गीतों पर आधारित मिथिला पेंटिंग बनाने लगे और पद्मभूषण शारदा सिन्हा को उनकी मिथिला पेंटिंग व मूर्ती भेंट किया जो कुंदन का सपना था। कुंदन राॅय की हर कृति में कुछ ना कुछ सकारात्मक समाजिक संदेश या प्रेरणा होती है।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>कई अवार्ड से हो चुके हैं सम्मानित&colon;-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>अपने रचनात्मकता और सृजनात्मकता के लिए उन्हें अनेकों सम्मान मिले हैं जैसे भारत श्री&comma; बिहार गौरव&comma; यूथ आइकॉन&comma; भारत लीडरशिप अवार्ड&comma; कलाम यूथ लीडरशिप अवार्ड&comma; समस्तीपुर रत्न&comma; यंग इंडिया चेंज मेकर-पीपुल्स च्वाइस अवार्ड&comma; वीजनरी ऑफ इण्डिया&comma; पर्यावरण योद्धा सम्मान&comma; औरेटर ऑफ द मंथ समेत अन्य अवार्ड से उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। बिहार दिवस पर समस्तीपुर के निवर्तमान जिला अधिकारी प्रणव कुमार ने भी सम्मानित किया। कुंदन राॅय बिहार सरकार द्वारा आयोजित जिला स्तरीय युवा उत्सव &lpar;2018&rpar; में मुर्ति कला व पेटिंग के विजेता रहे और मुर्ति कला व नाट्य कला &lpar;2017&rpar; मे विजेता रहें।<&sol;p>&NewLine;<p>कुंदन राॅय को आइ टी एम यू टी&comma; ब्राजील द्वारा इन्टरनेशनल पीस एम्बेसडर बनाया गया और &OpenCurlyDoubleQuote;कला व संस्कृति” के क्षेत्र में डाक्टरेट की मानद उपाधि &lpar;आॅनलाइन&rpar; से विभूषित किया। इसके अलावा समस्तीपुर में कला विस्तार के लिए उन्हें ब्रांड एम्बेसडर भी बनाया गया।<&sol;p>&NewLine;<p>यूथ मोटीवेशन व आर्ट के लिए समर्पित कुंदन राॅय ने यहाँ तक पहुंचने के लिए लगातार संघर्ष किया है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना पहचान बनाने के लिए अग्रसर है और अपने सफर में उन्होंने विशेष रूप से जिनका आभार प्रकट किया है वह उनके पिता ईश्वर चंद्र राॅय&comma; माता रमा राॅय&comma; बहन अंकिता&comma; भाई चंदन&comma; पत्नी सुजाता&comma; पुत्र सार्थक सुकून समेत परिवार के सभी सदस्य है। इसके अलावा डाॅ० संजय रघाटाटे &lpar;शिक्षाविद्&comma;नागपुर&rpar;&comma; डिप्टी डायरेक्टर उद्योग विभाग अलख कुमार सिन्हा &lpar;पूर्व जिला उद्योग केन्द्र प्रमुख&comma; समस्तीपुर&rpar;&comma; गुंजन मेहता &lpar;चेयरमैन नैशनल ह्यूमन वैलफेयर काउंसिल&rpar;&comma; ॠतेश पाठक&comma; कपिल शर्मा&comma; रमेश यादव&comma; अभिषेक चंद्रा&comma; डीडीएम नाबार्ड जयंत विष्णु&comma; महेश कुमार&comma; ट्री मैन राजेश कुमार सुमन&comma; दिनेश पंडित व अविनाश राय समेत अन्य दोस्तों का भी आभार जताया। जिन्होंने समय- समय पर कुंदन राॅय को न सिर्फ नये नये उत्तरदायित्व दिये है बल्कि उनके जीवन पर भी गहरा प्रभाव छोड़ा है।<&sol;p>&NewLine;

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