साल के अंतिम सप्ताह में ठंड का कहर, पूरे बिहार में कंपकंपाने को रहें तैयार

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> साल 2025 के आखिरी सप्ताह की शुरुआत के साथ ही पूरे बिहार में ठंड ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है&period; राजधानी पटना समेत राज्य के लगभग सभी जिले कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की गिरफ्त में हैं&period; मौसम विभाग ने शीतलहर और घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और साफ कर दिया है कि 29 दिसंबर तक ठंड से किसी तरह की राहत मिलने की उम्मीद नहीं है&period; नए साल का स्वागत बिहारवासियों को ठिठुरते हुए ही करना पड़ेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गुरुवार को पटना और आसपास के इलाकों में कुछ देर के लिए हल्की धूप जरूर निकली&comma; लेकिन तेज बर्फीली पछुआ हवाओं के आगे धूप बेअसर साबित हुई&period; दिनभर सर्द हवाओं के झोंकों ने लोगों को घरों से निकलने पर मजबूर नहीं होने दिया&period; दोपहर बाद तापमान में और गिरावट दर्ज की गई&comma; जिससे बाजारों में सन्नाटा पसर गया और लोग अलाव व गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए&period; शाम ढलते ही ठंड का असर और तेज हो गया&period;<br>मौसम विभाग के मुताबिक&comma; पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का सीधा असर बिहार के मैदानी जिलों पर पड़ रहा है&period; उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने दिन और रात दोनों समय तापमान को सामान्य से नीचे गिरा दिया है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> लगातार कई दिनों से धूप नहीं निकलने के कारण बिहार के कई हिस्सों में &OpenCurlyQuote;शीत दिवस’ जैसी स्थिति बनी हुई है&comma; जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है&period; बीते 24 घंटों के दौरान राज्य का मौसम पूरी तरह शुष्क रहा&comma; लेकिन ठंड का असर चरम पर रहा&period; पूर्णिया जिले में अति शीत दिवस दर्ज किया गया&comma; जबकि भागलपुर&comma; गया और मधुबनी में शीत दिवस जैसी स्थिति बनी रही&period; अधिकतम तापमान 16&period;2 से 20&period;3 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया&comma; वहीं न्यूनतम तापमान कई इलाकों में 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया&period; गया और भागलपुर में घना से बहुत घना कोहरा छाया रहा&comma; जहां दृश्यता महज 20 मीटर तक सिमट गई&comma; जिससे सड़क और रेल यातायात पर भी असर पड़ा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले पूरे सप्ताह बिहार में ठंड का प्रकोप बना रहेगा&period; अगले चार से पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में घना कोहरा छाए रहने और शीत दिवस जैसी स्थिति बने रहने की संभावना है&period; पश्चिमी और उत्तर-मध्य बिहार के कुछ इलाकों में ठंड का असर और तेज हो सकता है&period; विशेषज्ञों के अनुसार&comma; जब तक पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाओं की रफ्तार कम नहीं होती और मौसम के मिजाज में बदलाव नहीं आता&comma; तब तक राहत की उम्मीद करना मुश्किल है&period;<br &sol;>लगातार बढ़ती ठंड और कोहरे के कारण बुजुर्गों&comma; बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है&period; प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी ठंड को देखते हुए अलर्ट मोड में है&period; कुल मिलाकर&comma; बिहार इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है और साल के अंतिम दिनों में ठंड का यह सितम अभी और लोगों को झेलना पड़ेगा।<&sol;p>&NewLine;

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