बच्चो के गंभीर बीमारियों के ईलाज के लिए मुंबई दिल्ली चंडीगढ़ वेलरो जैसे बड़े शहरो में नही जाना पड़ेगा 

&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&lpar;अजित यादव&rpar;&colon;<&sol;strong> बिहार और आसपास के इलाके के लोगो को गंभीर रूप से ग्रस्त बच्चो की बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों में भटकना नही पड़ेगा । पटना एम्स में à¤…ब बच्चों के गठिया &comma; रोग प्रतिरोधी क्षमता कम होना &comma; ल्यूकेमिया &lpar; बल्ड कैंसर &rpar; थैलेसेमिया आईटीपी व रक्त हीनता का ईलाज पटना एम्स में ही उपलब्ध हो गया है । इस बड़ी सुविधा का पटना एम्स में शुरू हो जाने से गरीब परिवारों को काफी सहूलियत मिलेगी । ये सुविधा à¤¡à¤¾ प्रताप पात्र सह आचार्य के प्रयासों के बाद मिलना शुरू हुआ है।  à¤¡à¤¾ प्रताप पात्र सह आचार्य ने पीजीआई चन्डीगढ से डीएम पीडियाट्रिक रूमेंटोलॉजी कर वापस एम्स ज्वाइन किया है । वहीं पीडियाट्रिक हिमैटो-ऑनकोलॉजी की सेवाएँ डा चन्द्र मोहन कुमार&comma; अपर आचार्य के आने से प्रारंभ हो पायी हैं।बता दें कि एम्स में à¤µà¤°à¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में बाल रोग विभाग गहन चिकित्सा&comma; स्नायू चिकित्सा &comma;हृदय रोग&comma; अंतः स्त्रावीग्रंथी विकार&comma; वात रोग &comma; रूघिर व कर्क रोग  तथा किशोर अवस्था चिकित्सा &lpar;एडोलसेंट मेडिसिन &rpar; की विशेष सेवाएँ उपलब्ध हो रहा है। सम्प्रति विभाग में विभागाध्यक्ष डा लोकेश तिवारी &lpar; एडिशनल प्रोफेसर &rpar; डा चन्द्रमोहन &lpar; एडिशनल प्रोफेसर&rpar; डा प्रताप पात्र &lpar;एसोशिएट प्रोफेसर &rpar; डा प्रदीप कुमार &lpar;एसिस्टैंट प्रोफेसर&rpar; तथा डा अरुण प्रसाद &lpar; एडिशनल प्रोफेसर ट्रॉमा इमरजेसी &rpar; कायरत एवं बच्चों को बेहतर सेवाएं देने हेतु सतत प्रयत्न शील हैं&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एम्स से मिली जानकारी के अनुसार अखिल भारतीय आयुविज्ञान संस्थान पटना के बाल रोग विभाग ने अपनी सुविधाओं और सेवाओं में विस्तार किया है तथा नर्ड सेवाएँ बाल वातरोग एवं रोग प्रतिरोध &lpar; पेडियाट्रिक रूमेंटोलॉजी व इम्म्युनोलॉजी &rpar; तथा बाल रुधिर व कर्करोग संबंधी रोग सेवाएँ प्रारंभ की हैं। अब बच्चों के गठिया &comma; रोग प्रतिरोधी क्षमता कम होना &comma; ल्यूकेमिया &lpar; बल्ड कैंसर &rpar; थैलेसेमिया आईटीपी व रक्त हीनता के ईलाज हेतु एम्स दिल्ली &sol; पीजीआई चंडीगढ &comma; वेल्लोर या लखनउ जाने की आवश्यकता नहीं होगी &vert; इन सभी समस्याओं के निराकरण हेतु एम्स पटना में ही व्यवस्था होगी &vert; डॉ अनिल ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि कम्यूनिटी आउटरीच व टेलीमेडिसिन के जरिये जो बाल रोगों के मरीजों के बारे में एम्स से लोग सम्पर्क करते थे तब उन्हें बड़े शहरों में ईलाज कराने की सलाह दी जाती थी अब डॉ पात्र के प्रयासों से à¤¬à¤šà¥à¤šà¥‹ के गंभीर बीमारियों के ईलाज के लिए मुंबई दिल्ली चंडीगढ़ वेलरो जैसे बड़े शहरो में नही जाना पड़ेगा । इस सुविधा के एम्म्स पटना में शुरुआत होना बड़ी बात है। इससे पटना और आस पास के जिलों से लेकर आस पास के राज्यो के मरीजों को बड़ा फायदा पहुंचेगा । <&sol;p>&NewLine;

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