ईस्ट सेंट्रल रेलवे में स्तन कैंसर जागरूकता अभियान, मेदांता ने महिलाओं को किया जागरूक

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&sol;फुलवारी&comma; अजित<&sol;strong>। ईस्ट सेंट्रल रेलवे &lpar;ई सी आर&rpar; के पटना स्थित कार्यालय में शुक्रवार को स्तन कैंसर जागरूकता को लेकर जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल&comma; पटना द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया&period; &OpenCurlyDoubleQuote;आओ&period; देखो&period; सीखो&period;” शीर्षक से चल रहे इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं में स्तन स्व-परीक्षण &lpar;सेल्फ &&num;8211&semi; ब्रैस्ट एग्जामिनेशन&rpar; के महत्व को समझाना और शुरुआती पहचान को उनकी रोजमर्रा की आदत का हिस्सा बनाना है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला कर्मियों की भागीदारी रही&period; सभी ने स्तन स्व-जांच की विधि को विस्तार से समझा&period; सत्र का संचालन मेदांता पटना के मेडिकल डायरेक्टर डॉ&period; रवि शंकर सिंह और मेदांता कैंसर इंस्टीट्यूट की वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ&period; निहारिका रॉय ने किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ&period; रवि शंकर सिंह ने कहा कि स्तन कैंसर आज भी महिलाओं में सबसे अधिक होने वाला कैंसर है और इसकी सबसे बड़ी चुनौती देर से पहचान है&period; अगर महिलाएँ महीने में केवल तीन मिनट स्तन स्व-परीक्षण को दें&comma; तो कई जिंदगियाँ बचाई जा सकती हैं&period; इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं को इस सरल आदत को अपनाने के लिए प्रेरित करना है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं&comma; डॉ&period; निहारिका रॉय ने कहा कि स्तन स्व-परीक्षण किसी भी उम्र की महिला सीख सकती है&period; यह शुरुआती बदलावों को पहचानने में बेहद सहायक है और शुरुआती पहचान ही सफल उपचार की सबसे मजबूत नींव है&period; उन्होंने बताया कि स्तन कैंसर कई बार बिना लक्षण के भी विकसित हो जाता है&comma; इसलिए नियमित जांच और समय-समय पर स्क्रीनिंग जरूरी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के बाद दो दिवसीय SBE ट्रेनिंग मॉड्यूल आयोजित किया गया&comma; जिसमें प्रतिभागियों को विशेष सिम्युलेटर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया&period; ECR की महिला कर्मियों ने इसे अत्यंत उपयोगी और जागरूकता बढ़ाने वाला अनुभव बताया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मेदांता पटना का यह अभियान महिलाओं में स्तन स्वास्थ्य के प्रति खुलकर संवाद और जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है&period; इसके तहत विभिन्न संस्थानों&comma; सरकारी विभागों और बड़े संगठनों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।<&sol;p>&NewLine;

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