भाजपा विपक्षी दलों के कार्यालय के सामने हुडदंग और मार पिटाई से संवैधानिक अधिकार को कुचलना चाहती है : एजाज अहमद

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि दिल्ली से लेकर पटना तक डबल इंजन सरकार लोकतंत्र को लाठी तंत्र के सहारे कमजोर करना चाहती है। और भाजपा विपक्षी दलों के कार्यालय के सामने हुडदंगियों के सहारे संवैधानिक अधिकार को चलना चाहती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एजाज ने आगे कहा कि नीट पेपर लीक मामले पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों का दिल्ली से लेकर पटना तक जो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन हो रहा है उसको कुचलने के लिए केंद्र और बिहार सरकार लाठी तंत्र का सहारा ले रही है। ऐसा लग रहा है कि देश में अब लोकतंत्र नहीं बल्कि तंत्र के माध्यम से सत्ता और सरकार चलाया जा रहा है। विपक्षी दलों की आवाज को दबाने का सदन में तो कार्य किया ही जा रहा है अब सड़क पर भी पुलिस तंत्र के सहारे आंदोलन को दबाने का साजिश चल रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इन्होंने ने आगे कहा कि विपक्ष दलो और छात्रों के द्वारा जब भी कोई आंदोलन कर न्याय की मांग की जाती हैं&comma; तब भाजपा एक नए रूप में सामने आती है और संबंधित विपक्षी दलों के कार्यालय के सामने भाजपा के कार्यकर्ता आंदोलन के नाम पर हुड़दंग और मार पिटाई की घटनाओं को अंजाम देते हैं इस तरह की घटनाएं भाजपा के द्वारा जो की जा रही है ये लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने वाली कार्रवाई है। और इस तरह के माहौल को बनाकर भारतीय जनता पार्टी विपक्षी दलों के लोकतांत्रिक अधिकार को भी अपने पार्टी के हुडदंगियों के सहारे कमजोर करना चाहती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> इन्होंने कहा कि जिस तरह से दिल्ली और पटना में छात्रों पर पुलिसिया दमन और लाठी तंत्र का सहारा लिया गया &comma;यह लोकतंत्र और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए कहीं से उचित नहीं है। और सत्ता में बैठे हुए लोगों के द्वारा आंदोलन और न्याय की मांग करने वालों पर डंडे का सहारा लेना यह बताता है कि इनको दमनकारी रवैया से सत्ता चलाने आता है। लोकतांत्रिक तरीका यह है कि विपक्षी दल जो जायज मांगे हैं उसको रखने के लिए सदन और सड़क दोनों का सहारा लेती है क्योंकि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का विपक्ष को लोकतांत्रिक अधिकार संविधान ने दिया है और उसी के सहारे सत्ता के खिलाफ विपक्षी दल आंदोलन खड़ा करते हैं और सरकार से जायज मांगों को मनवाने का काम करते हैं।<&sol;p>&NewLine;

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