बर्फीली पछुआ हवाओं से कांपा बिहार, 23 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 14 जनवरी तक नहीं मिलेगी ठंड से राहत…

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजित।<&sol;strong> बुधवार को राजधानी पटना सहित अधिकांश जिलों में सुबह और शाम भयंकर ठंड का एहसास हुआ&period; दिन में धूप के लिए बावजूद धूप का असर नहीं के बराबर रहा &period;बर्फीली हवाओं ने धूप के असर को बेअसर कर दिया और लोग कांपते रहे&period; धूप में भी ठंडी हवा लोगों को शरीर को भेदती रही&period; सूई सी चुभती बहुती बर्फीली हवाओं के झोंका से हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है&period; दरअसल&comma; पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी के बाद सक्रिय हुई पछुआ हवाओं ने पूरे बिहार को कड़ाके की ठंड की गिरफ्त में ले लिया है&period; जम्मू-कश्मीर&comma; हिमाचल और उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के असर से गिरी बर्फ का सीधा प्रभाव अब मैदानी इलाकों में महसूस किया जा रहा है&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पाकिस्तान की ओर से आ रही सर्द हवाएं पंजाब&comma; हरियाणा और राजस्थान से गुजरते हुए बिहार तक पहुंच रही हैं&comma; जिसके कारण राज्य में कोल्ड डे और घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है&period; पटना सहित सभी जिलों में 10 डिग्री से नीचे तापमान के चलते ठंड में विकराल रूप धारण कर लिया है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को बिहार के 23 जिलों में कोहरे और शीत दिवस को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है&period; विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले चार से पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट संभव है&period; इसका असर सुबह और रात के समय ज्यादा देखने को मिलेगा&comma; जब ठंड कंपकंपी पैदा कर रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राज्य के उत्तरी जिलों में ठंड का सबसे ज्यादा असर दर्ज किया गया है&period; समस्तीपुर में न्यूनतम तापमान गिरकर करीब 3&period;9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया&comma; जबकि भागलपुर के सबौर में तापमान 4&period;4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया&period; मधुबनी और बांका में बर्फीली हवाओं के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा&period; सुबह के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। राजधानी पटना में भी हालात कुछ अलग नहीं रहे&period; मंगलवार की अहले सुबह तापमान करीब 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया&period; दिन में धूप निकलने के बावजूद तेज पछुआ हवाओं ने ठंड का असर कम नहीं होने दिया&period; शाम ढलते ही फिर से ठिठुरन बढ़ गई और लोग जल्दी घरों में सिमटने को मजबूर हो गए&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>घने कोहरे ने यातायात व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित किया है&period; पिछले 24 घंटों के दौरान पटना&comma; बेगूसराय&comma; दरभंगा&comma; पूर्णिया और मधुबनी समेत कई जिलों में दृश्यता 100 मीटर तक सिमट गई&period; हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए&period; कई जगहों पर रेल और बस सेवाएं भी देरी से चलीं&comma; जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 8 जनवरी से कोहरे की तीव्रता और बढ़ सकती है और 14 जनवरी तक कोल्ड वेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है&period; खासकर सुबह और रात के समय ठंड का असर ज्यादा रहेगा&period; बुजुर्गों&comma; बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। ठंड का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी दिखने लगा है&period; कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव और अवकाश को लेकर प्रशासन स्तर पर मंथन शुरू हो गया है&period; ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव जलाकर और गर्म कपड़ों का सहारा लेकर ठंड से बचाव करते नजर आए&period;राजधानी पटना की बात करें तो यहां भी ठंड ने लोगों को बेहाल कर दिया है&period;जहां सुबह के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> पटना में भोर के वक्त तेज बर्फीली हवा चलती रहे जो धीरे-धीरे थोड़ा काम हुआ लेकिन फिर दोपहर के बाद जोर पकड़ लिया&period;मौसम विभाग ने साफ किया है कि फिलहाल अगले एक सप्ताह तक ठंड से राहत के कोई संकेत नहीं हैं&period; ऐसे में लोगों को घरों में रहने&comma; सुबह-शाम अनावश्यक बाहर न निकलने और ठंड से बचाव के सभी उपाय अपनाने की जरूरत है&period; बिहार में यह सर्दी न सिर्फ तापमान गिरा रही है&comma; बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी की रफ्तार भी धीमी कर रही है। दिन में धूप निकलने के बावजूद ठिठुरन बनी रही और शाम होते ही सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में सिमटने पर मजबूर कर दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>देश स्तर पर तुलना करें तो इस समय सबसे अधिक ठंड उत्तर भारत के पहाड़ी और ऊंचाई वाले इलाकों में पड़ रही है&period; लद्दाख क्षेत्र के कई हिस्सों में तापमान शून्य से काफी नीचे चला गया है&comma; जो देश में सबसे ठंडे इलाकों में शामिल है&period; जम्मू-कश्मीर के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों और हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जैसे जिलों में भी तापमान माइनस में बना हुआ है&comma; जहां बर्फबारी के कारण हालात बेहद कठोर हैं&period; इन्हीं पहाड़ी इलाकों से निकलने वाली बर्फीली पछुआ हवाएं मैदानी राज्यों&comma; खासकर बिहार तक पहुंच रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार पूरे बिहार में ठंड का यह दौर फिलहाल थमने वाला नहीं दिख रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है&period; खासकर सुबह और रात के समय बाहर निकलने से बचने&comma; गर्म कपड़े पहनने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत बताई गई है&period; बिहार में इस समय सर्दी अपने पूरे असर के साथ मौजूद है और आने वाले दिन और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।<&sol;p>&NewLine;

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