बिहार संग्रहालय में पहली बार समर कैंप शुरू, मिट्टी-शब्द-मुखौटे से होगी बच्चों की दोस्ती

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma;&nbsp&semi;सुनील कुमार &colon;<&sol;strong> बिहार संग्रहालय ने पहली बार समर कैंप-2026 की शुरुआत की है। मंगलवार को महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कैंप का उद्घाटन किया। इस खास कैंप में बच्चे टेराकोटा कला&comma; मुखौटा निर्माण और कहानी लेखन की तीन विद्याओं में प्रशिक्षण ले रहे हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2026&sol;06&sol;img-20260603-wa00281646734114772212885&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-86373" &sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मुख्य बातें&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ol class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>प्रशिक्षक&colon; टेराकोटा कला राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त पिंटू प्रसाद&comma; कहानी लेखन रंगकर्मी ध्रुव कुमार और मुखौटा निर्माण स्वर्ण पदक प्राप्त हेमंत कुमार सिखा रहे हैं।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>दो श्रेणी&colon; कक्षा 5-8 तक के बच्चों का समय सुबह 11 से 1&colon;30 बजे और कक्षा 9-12 तक के बच्चों का दोपहर 2&colon;30 से शाम 5 बजे तक। प्रत्येक श्रेणी में 50 बच्चे।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>पूरी तरह मुफ्त&colon; प्रशिक्षण&comma; सामग्री और नाश्ता-पानी संग्रहालय प्रबंधन की ओर से मुफ्त। 7 जून तक चलेगा कैंप।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>जगह&colon; टेराकोटा और कहानी लेखन का प्रशिक्षण बिहार संग्रहालय में&comma; जबकि मुखौटा निर्माण का प्रशिक्षण पटना संग्रहालय में हो रहा है।<&sol;li>&NewLine;<&sol;ol>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने कहा&comma; &&num;8220&semi;संग्रहालय ने हमेशा बच्चों का ख्याल रखा है। यहां चिल्ड्रेन गैलरी में बच्चों को कलाकृतियों को छूने-महसूस करने की आजादी है। भले ही सात दिन में वे दक्ष कलाकार न बनें&comma; लेकिन मिट्टी और शब्दों से उनकी दोस्ती जरूर हो जाएगी।&&num;8221&semi;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि पिंटू प्रसाद के साथ राज्य पुरस्कार प्राप्त रूपेश कुमार और पटना आर्ट कॉलेज के दो छात्र भी सहयोग कर रहे हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उद्घाटन मौके पर पद्मश्री सुधा वर्गीज&comma; प्रभारी अपर निदेशक रणबीर सिंह राजपूत&comma; उप-निदेशक मौमिता घोष&comma; पूर्व प्राचार्य अजय कुमार पाण्डेय सहित कई लोग मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;

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