गन्ना खेती में जैविक उपादानों को बढ़ावा देगी बिहार सरकार, किसानों को मिलेगा अनुदान

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> गन्ना खेती को अधिक टिकाऊ&comma; लाभकारी एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बिहार सरकार द्वारा एक महत्त्वपूर्ण पहल की गई है। गन्ना उद्योग विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में &OpenCurlyDoubleQuote;गन्ना की खेती में जैविक उपादानों के उपयोग को प्रोत्साहन की योजना” प्रारंभ की है। योजना के अंतर्गत गन्ना किसानों को जैव उर्वरक&comma; जैव कीटनाशी&comma; जैव फफूंदनाशी&comma; हरी खाद&comma; कम्पोस्ट&comma; वर्मीकम्पोस्ट तथा समेकित कीट प्रबंधन से संबंधित उपादानों की खरीद एवं उपयोग पर अनुदान दिया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>माननीय गन्ना उद्योग मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गन्ना किसानों की उत्पादन लागत कम करने और उनकी आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। जैविक उपादानों के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम होगी&comma; मृदा स्वास्थ्य में सुधार होगा और दीर्घकाल में गन्ने की उत्पादकता एवं चीनी रिकवरी बढ़ाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने राज्य के गन्ना किसानों से इस योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>विभिन्न जैविक उपादानों पर मिलेगा अनुदान-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>योजना के अंतर्गत किसानों को विभिन्न जैविक उपादानों की खरीद एवं उपयोग पर निर्धारित सीमा के अनुसार निम्नलिखित अनुदान दिया जाएगा-<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>फेरोमोन ट्रैप अथवा लाइट ट्रैप&colon; लागत का 75 प्रतिशत या अधिकतम ₹900 प्रति एकड़।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>स्टिकी ट्रैप अथवा ट्राइकोकार्ड&colon; लागत का 75 प्रतिशत या अधिकतम ₹350 प्रति एकड़।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>ट्राइकोडर्मा&comma; ब्यूवेरिया अथवा मेटाराइजियमर&colon; लागत का 75 प्रतिशत या अधिकतम ₹500 प्रति एकड़।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>हरी खाद &lpar;ढैंचा&rpar;&colon; लागत का 75 प्रतिशत या अधिकतम ₹500 प्रति एकड़।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>कम्पोस्ट अथवा वर्मीकम्पोस्ट&colon; लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹3&comma;000 प्रति एकड़।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>पीएसबी&comma; राइजोबियम&comma; एजोटोबैक्टर अथवा एसीटोबैक्टर जैसे जैव उर्वरक&colon; लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹500 प्रति एकड़।<&sol;li>&NewLine;<&sol;ul>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>एक से अधिक घटकों का लाभ ले सकेंगे किसान-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए गन्ना किसान पंजीकरण आईडी होना आवश्यक है। इसके अंतर्गत रैयत एवं गैर-रैयतकृदोनों श्रेणियों के गन्ना किसान पात्र होंगे। प्रत्येक पात्र किसान को अधिकतम एक एकड़ गन्ना क्षेत्र के लिए अनुदान दिया जाएगा। किसान निर्धारित शर्तों एवं अनुदान सीमा के अधीन योजना के एक अथवा एक से अधिक घटकों का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>राज्य के सभी 38 जिलों में लागू होगी योजना-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जैविक एवं पर्यावरण अनुकूल गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहित करने वाली यह योजना बिहार के सभी 38 जिलों में लागू की गई है। योजना की अवधि 31 मार्च 2027 तक निर्धारित है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन 16 सितम्बर 2026 से 15 नवम्बर 2026 तक विभागीय केन केयर पोर्टल ccs&period;bihar&period;gov&period;in पर किया जा सकेगा। योजना के लाभ&comma; पात्रता&comma; आवेदन प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के सहायक निदेशक &lpar;ईख विकास&rpar; कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।<&sol;p>&NewLine;

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