धमदाहा अनुमंडल अस्पताल के औचक निरीक्षण में मिलीं भारी कमियां, सिविल सर्जन व प्रशासन को लगी सख्त फटकार

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने मंगलवार को क्षेत्र भ्रमण के दौरान अनुमंडल अस्पताल धमदाहा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की लचर व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं में भारी खामियां देखकर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सिविल सर्जन और अस्पताल प्रशासन को व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए बेहद सख्त निर्देश दिए हैं।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ओपीडी पंजीयन&comma; लेबर रूम&comma; बुनियादी सुविधाओं और मरीजों को मिल रहे इलाज की गहन समीक्षा की। इस दौरान सामने आईं प्रमुख कमियां और DM के निर्देश<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लंबी कतार और आभा &lpar;ABHA&rpar; कार्ड का पेंच&colon; काउंटर पर मरीजों की लंबी लाइन देखकर डीएम ने नाराजगी जताई। मरीजों ने शिकायत की कि उनका समय पर रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है। पूछताछ में पता चला कि आभा &lpar;ABHA&rpar; कार्ड बनाने में ज्यादा समय लगने के कारण यह देरी हो रही है। इस पर जिलाधिकारी ने आभा कार्ड निर्माण प्रक्रिया को सुगम बनाने और काउंटरों पर भीड़ को तुरंत खत्म करने का आदेश दिया।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>लेबर रजिस्टर गायब होने पर बिफरे DM&colon; जब जिलाधिकारी ने लेबर रूम का जायजा लिया और वहां का लेबर रजिस्टर मांगा&comma; तो अस्पताल प्रशासन उसे उपलब्ध नहीं करा सका। इस घोर लापरवाही पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए डीएम ने जिम्मेदार कर्मचारियों से स्पष्टीकरण &lpar;शो-कॉज&rpar; मांगने का निर्देश दिया है।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>क्षतिग्रस्त सेप्टिक टैंक की अविलंब मरम्मत&colon; अस्पताल परिसर में नए क्रिटिकल केयर यूनिट&&num;8217&semi; &lpar;CCU&rpar; के निर्माण कार्य के दौरान पुराना सेप्टिक टैंक क्षतिग्रस्त हो गया है। स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी खतरों को देखते हुए डीएम ने इसे तुरंत ठीक कराने का सख्त निर्देश दिया।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>पुराने निर्देशों पर धीमी प्रगति पर असंतोष&colon;जिलाधिकारी ने पिछले निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की। कार्यों की कछुआ गति को देखकर उन्होंने गहरा असंतोष व्यक्त किया।<br>मरीजों की सुविधा के लिए जारी किए गए ये नए निर्देश&colon;<br>अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी न हो&comma; इसके लिए जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने दो प्रमुख व्यवस्थाएं तत्काल लागू करने को कहा है&colon;<&sol;li>&NewLine;<&sol;ul>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ol class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>सभी अस्पतालों में ट्राइएज रूम की सुचारू व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>मरीजों की सहायता के लिए मैं आपकी क्या मदद कर सकता हूँ काउंटर को तत्काल सक्रिय किया जाए।<br>जिलाधिकारी के इस कड़े रुख से अस्पताल कर्मियों और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।<&sol;li>&NewLine;<&sol;ol>&NewLine;

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