बिहार सरकार एवं अधिकारी नहीं ले रहें है सुध अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज का

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत लोगों के लिए किसी जमाने में संजीवनी कहे जाने वाली 1955 के दशक में स्थापित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज परिसर में करोड़ों की लागत से निर्माणाधीन भवन 13 वर्षों से अधूरा पड़ा है। वर्षों से दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित होते आ रहा है। खबर प्रकाशित होने के बाद बिहार विधानसभा सत्र के दौरान नरपतगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक जयप्रकाश यादव ने मामले को लेकर विधानसभा सत्र के दौरान जोरदार प्रश्न उठाए थे। श्री यादव के प्रश्न पर बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उक्त अस्पताल के भवनों का जल्द से जल्द निर्माण करवाने का आश्वासन दिया था। वहीं सत्र के दौरान ही मंत्री जी के निर्देश पर सिविल सर्जन अररिया कृष्ण कुमार कश्यप ने भवन का जांच किया और स्थिति से अवगत हुए। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2024&sol;12&sol;img-20241208-wa0016512696600765907742-840x378&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-65467"><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उसी दौरान सिविल सर्जन ने बताया था कि बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के आलोक में अर्धनिर्मित भवन का जांच किया जा रहा है। कहा- जांच रिपोर्ट मंत्री जी को सौंपने के बाद उनका आदेश मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। बताते चलें कि अधिकारियों के द्वारा भवनों का जांच लगभग 5 माह पूर्व किया गया परंतु अब तक कोई ठोस कदम उठाया नहीं जाना कहीं ना कहीं पदाधिकारी और विभाग आम जनमानस को जांच के नाम पर गुमराह करने में लगी हुई है। जबकि इस अस्पताल क्षेत्र के कई पंचायत के मरीजों व ग्रामीणों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गरीब तबके के लोगों के लिए यह अस्पताल रामबाण की तरह है। प्रत्येक दिन दर्जनों मरीज का इलाज तथा माह में 30 से 40 महिलाओं का प्रसव किया जाता है। ऐसी स्थिति में अस्पताल का बदहाल होना कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार को दर्शाता है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं क्षेत्र के दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि एक माह के अंदर अगर अस्पताल भवन का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो हमलोग आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी सारी जबाबदेही स्वास्थ्य विभाग की होगी। वहीं ग्रामीणों ने कहा 70 साल पुराना जर्जर भवन में मरीजों का इलाज करना मौत को गले लगाने जैसा है।<&sol;p>&NewLine;

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