बिहार दिवस का आगाज, गांधी मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे पांच दिवसीय महोत्सव का उद्घाटन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> बिहार दिवस के आयोजन को लेकर राजधानी का ऐतिहासिक गांधी मैदान पूरी तरह सजकर तैयार है। इस वर्ष बिहार दिवस का आयोजन व्यापक और भव्य तरीके से आयोजित किया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 10 गुणा अधिक क्षेत्रफल यानी 1 लाख 25 हजार वर्ग फीट में इसका आयोजन किया जा रहा है। थीम &&num;8220&semi;उन्नत बिहार &&num;8211&semi; विकसित बिहार&&num;8221&semi; रखा गया है। यह भव्य महोत्सव 22 से 26 मार्च तक चलेगा&comma; जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को करेंगे। शिक्षा विभाग इसका नोडल विभाग है और उसके स्तर से इस महोत्सव के लिए व्यापक तैयारी की गई है। यह आयोजन आम जनता के लिए पूरी तरह से मुफ्त रहेगा। सरकारी योजनाओं की जानकारी और प्रदर्शनी के लिए विभिन्न विभागों की तरफ से स्टाल भी लगाए गए हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>22 से 24 मार्च तक विभिन्न स्टॉलों पर छात्र-छात्राओं की तरफ से बनाए गए मॉडल&comma; चित्रकला प्रतियोगिता में पुरस्कृत चित्रों की प्रदर्शनी तथा शिक्षकों के निर्मित शिक्षण लर्निंग सामग्री &lpar;टीएलएम&rpar; का प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शनी में स्थानीय जनसहभागिता को प्रोत्साहित किया गया है। ताकि अधिक से अधिक लोग शिक्षा प्रणाली में हो रहे नवाचारों को समझ सकें।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>स्वास्थ्य सुविधाओं की विशेष व्यवस्था-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>स्वास्थ्य विभाग 22 और 23 मार्च को 15 मुफ्त हेल्थ स्टॉल लगाएगा। इन स्टॉलों पर शुगर टेस्ट&comma; विशेषज्ञ परामर्श&comma; एचपीवी वैक्सीन की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा&comma; 12 बीमारियों से बचाव हेतु टीकाकरण काउंटर भी स्थापित किए जाएंगे। इस पूरे आयोजन की देखरेख सिविल सर्जन और 11 सीनियर डॉक्टरों की टीम द्वारा की जाएगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहरों का आकर्षण-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए महाबोधि मंदिर&comma; नालंदा विश्वविद्यालय&comma; विश्व शांति स्तूप&comma; तख्त श्रीहरिमंदिर पटना साहिब जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों की थ्री-डी प्रतिकृतियां बनाई जाएंगी। इसका वर्चुअल माध्यम से सामान्य लोग भी आनंद ले सकेंगे। साथ ही एक पर्यटन सूचना केंद्र भी स्थापित होगा&comma; जहां निवेश और पर्यटन नीति की जानकारी दी जाएगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पारंपरिक उद्योगों को मिलेगा प्रोत्साहन-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस आयोजन में हथकरघा&comma; हस्तशिल्प&comma; चमड़ा&comma; जूट और लाह उद्योगों से जुड़े उत्पादों की प्रदर्शनी भी होगी। यह पहल स्थानीय कारीगरों&comma; उद्यमियों और निवेशकों को जोड़कर बिहार के पारंपरिक उद्योगों के विकास और विस्तार को प्रोत्साहित करने का कार्य करेगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>दर्शकों के लिए अलग से सेल्फी प्वाइंट-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राज्य सरकार की प्रमुख विकास योजनाओं&comma; उपलब्धियों&comma; आइकॉनिक भवनों और पर्यटक स्थलों की जानकारी प्रदान करने के लिए सूचना विभाग की ओर से विशेष स्टैंडीज लगाए जाएंगे। इसके साथ ही&comma; लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभाग की तरफ से नुक्कड़ नाटकों का भी आयोजन किया जाएगा। समारोह में आने वालों के लिए सेल्फी प्वाइंट की भी व्यवस्था की गई है&comma; जिसमें मरीन ड्राइव पर विशेष रूप से एक आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बनाया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>महिला थीम पर आधारित नाट्य आयोजन-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कला&comma; संस्कृति एवं युवा विभाग गांधी मैदान में एक विशेष स्टॉल लगाएगा&comma; जहां विभाग की उपलब्धियों&comma; कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त&comma; ललित कला भवन में दिव्यांग बच्चों के लिए पेंटिंग कार्यशाला आयोजित होगी&comma; जिसमें पटना के विभिन्न विद्यालयों के छात्र भाग लेंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सांस्कृतिक कार्यक्रम भी-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल&comma; गांधी मैदान&comma; रवींद्र भवन और प्रेमचंद रंगशाला में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रेमचंद रंगशाला में विशेष रूप से महिला थीम पर आधारित नाट्य उत्सव होगा&comma; जिसमें सभी पात्र महिलाएं होंगी। इसके साथ ही&comma; नुक्कड़ नाटकों का भी मंचन किया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सुरक्षा-व्यवस्था रहेगी दुरुस्त-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बिहार दिवस समारोह के मद्देनजर सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पटना के गांधी मैदान में मॉर्निंग और इवनिंग वॉक पर रोक लगा दी गई है। इसके अतिरिक्त&comma; अन्य प्रयोजनों के लिए भी 24 मार्च तक प्रतिबंध लागू रहेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>दिखेंगे बिहार के हस्तशिल्प एवं लोक कलाकृति के रंग भी-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बिहार के अद्भुत हस्तशिल्प&comma; हथकरघा और अन्य परंपरागत उत्पादों की झलक भी देखने को मिलेगी। स्टॉलों में हथकरघा और वस्त्र&comma; बुनकरी&comma; खादी के साथ हस्तशिल्प एवं चित्रकला जैसे मधुबनी पेंटिंग&comma; मंजूषा पेंटिंग&comma; टिकुली पेंटिंग&comma; मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इसके साथ ही हस्तनिर्मित शिल्प जैसे सिक्की कला&comma; पेपर कढ़ाई&comma; पेपर माचे&comma; टेरा कोटा&comma; के साथ अन्य चीजें प्रदर्शित की जाएंगी। इनमें सूखे घास से बनी सुंदर और आकर्षक कलाकृतियां&comma; सुजनी कढ़ाई जिसमें सूती कपड़ों पर बारीक हाथ की कढ़ाई से बनी पारंपरिक कलाकृति&comma; पेपर माचे जिसके अंतर्गत हाथों से बने कागज की लुगदी से निर्मित आकर्षक कलात्मक उत्पाद के साथ ही मिट्टी से बने सजावटी और उपयोगी उत्पाद&comma; जो बिहार की समृद्ध कुम्हार परंपरा को दर्शाते हैं&comma; प्रदर्शित होंगी। बांस और बेंत शिल्प पर्यावरण अनुकूल और मजबूत हस्तशिल्प&comma; जिसमें टोकरियां&comma; फर्नीचर और सजावटी वस्तुएं शामिल हैं&comma; इनका भी प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा हथकरघा और वस्त्र में विविंग &lpar;बुनकरी&rpar; से बिहार के पारंपरिक हथकरघा वस्त्र जैसे भागलपुरी सिल्क&comma; तसर सिल्क&comma; कोसा सिल्क और खूबसूरत सूती वस्त्रों का अनूठा संग्रह दर्शाया जाएगा। खादी वस्त्रों की बेहतरीन श्रृंखला का प्रदर्शन होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अधिकारियों की भी रहेगी प्रस्तुति &&num;8211&semi;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सांस्कृतिक कार्यक्रम की श्रृंख्ला में अधिकारियों की भी प्रस्तुति भी खास रहेगी। बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के डीजी आलोक राज का गायन 23 मार्च को श्रीकृष्ण मेमोरियाल हॉल में शाम 6 बजे से होगा। जबकि&comma; पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ&period; एन विजयलक्ष्मी का भरतनाट्यम 22 मार्च को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में शाम 7 बजे और आईएएस नीलम चौधरी का कथक 23 मार्च को शाम 7 बजे से आयोजित होगा।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

पटना सिविल कोर्ट में सुरक्षा को लेकर बड़ा निर्णय, अधिवक्ताओं के लिए आई-कार्ड अनिवार्य

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर भाजपा ने मनाया समर्पण दिवस

दुर्गा क्लब ने बरबीघा क्रिकेट क्लब जूनियर को 05 विकेट से हराया