बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में कैट शो का आयोजन, 48 बिल्लियों ने लिया भाग

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय&comma; पटना के बिहार पशु चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में निदेशालय प्रसार शिक्षा द्वारा शनिवार को कैट शो का सफल आयोजन किया गया&period; इस कैट शो में कुल 48 बिल्लियों ने अपने पेरेंट्स के साथ भाग लिया&period; कार्यक्रम में विभिन्न नस्लों की बिल्लियों का प्रदर्शन किया गया तथा उनके स्वास्थ्य&comma; व्यवहार और वैज्ञानिक प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बैद्यनाथ यादव&comma; परामर्शी शिक्षा विभाग&comma; बिहार सरकार ने कहा कि पशुओं के प्रति लोगों का प्रेम लगातार बढ़ रहा है और अब लोग स्ट्रे एनिमल्स को अपनाने के प्रति भी जागरूक हो रहे हैं&period; उन्होंने कहा कि पशु पालने से मानव शरीर पर सकारात्मक फिजियोलॉजिकल प्रभाव पड़ता है&comma; जिससे व्यक्ति और उसका परिवार अधिक खुश रहता है&period; यदि आप पशु पाल रहे हैं तो आप एक बड़ी जिम्मेदारी निभा रहे हैं&period; बिल्लियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में बिल्लियों के प्रति लोगों का लगाव आदि काल से चला आ रहा है और लोगों को लोकल ब्रीड्स को अपनाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। आयोजन समिति के अध्यक्ष सह निदेशक&comma; प्रसार शिक्षा डॉ&period; निर्मल सिंह दहिया ने कहा कि बिल्ली या अन्य पालतू पशु पालने से व्यक्ति का हैप्पीनेस इंडेक्स बढ़ता है और ये पशु लोगों को फील गुड फैक्टर प्रदान करते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आयोजन सचिव डॉ&period; मो&period; मोईन अंसारी ने कहा कि बिल्ली मनुष्य को संवेदनशीलता के साथ रहना सिखाती है और जिस घर में पालतू पशु होते हैं&comma; वहां खुशियों का माहौल बना रहता है&period;<br &sol;>सह-आयोजन सचिव डॉ&period; रविकांत निराला ने बताया कि बिल्लियों के शरीर में विशेष ग्रंथियां होती हैं&comma; जिनसे निकलने वाले हार्मोन उन्हें स्वच्छ और चमकदार बनाए रखते हैं&comma; इसलिए उनसे घृणा करने की कोई आवश्यकता नहीं है&period; उन्होंने बिल्लियों के सेंस ऑर्गन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भविष्य की घटनाओं को भांपने की उनकी क्षमता काफी अधिक होती है। कार्यक्रम के दौरान &OpenCurlyDoubleQuote;द कैट&colon; हेल्थकेयर एंड साइंटिफिक मैनेजमेंट” विषय पर आधारित पुस्तक का भी विमोचन किया गया&period; यह बिल्लियों पर आधारित अपने प्रकार की पहली वैज्ञानिक पुस्तक है&comma; जिसे कुलपति द्वारा फॉरवर्ड किया गया है&period; पुस्तक का संपादन डॉ&period; निर्मल सिंह दहिया&comma; डॉ&period; मो&period; मोईन अंसारी&comma; डॉ&period; रियाज सिद्दीकी&comma; डॉ&period; रविकांत निराला&comma; डॉ&period; अनिल और डॉ&period; श्रेया तिवारी द्वारा किया गया है। कैट शो में पर्शियन&comma; इटालियन&comma; जर्मन&comma; पंचमुखी&comma; हिमालयन&comma; बॉम्बे&comma; फेरेट और इंडियन कंट्री ब्रीड श्रेणियों की बिल्लियों ने भाग लिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>विजेताओं की सूची इस प्रकार है&period;<br &sol;>पर्शियन बिल्ली &lpar;मेल&rpar;<br &sol;>प्रथम पुरस्कार&colon; डॉ&period; सिराज अहमद &lpar;ऑस्कर&rpar;&period;<br &sol;>द्वितीय पुरस्कार&colon; श्रीमती नूरमिला &lpar;सिम्बा&rpar;&period;<br &sol;>द्वितीय पुरस्कार&colon; सुश्री अर्शी तबस्सुम &lpar;अईशू&rpar;&period;<br &sol;>तृतीय पुरस्कार&colon; डॉ&period; सुषमा &lpar;टिल्लू&rpar;&period;<br &sol;>तृतीय पुरस्कार&colon; श्रीमती नूरमिला &lpar;दिलखुश&rpar;&period;<br &sol;>पर्शियन बिल्ली &lpar;फीमेल&rpar;<br &sol;>प्रथम पुरस्कार&colon; सुश्री इरम फातिमा &lpar;जारा&rpar;&period;<br &sol;>द्वितीय पुरस्कार&colon; सुश्री रीना &lpar;फुग्गी&rpar;&period;<br &sol;>तृतीय पुरस्कार&colon; सुश्री अवनी &lpar;स्पार्कल&rpar;&period;<br &sol;>तृतीय पुरस्कार&colon; सुश्री शाज़िया &lpar;आया&rpar;&period;<br &sol;>तृतीय पुरस्कार&colon; सुश्री अर्शी तबस्सुम &lpar;बेबो&rpar;&period;<br &sol;>नॉन-डिस्क्रिप्ट बिल्ली &lpar;मेल&rpar;<br &sol;>प्रथम पुरस्कार&colon; सुश्री अर्चना &lpar;किट्टी&rpar;&period;<br &sol;>द्वितीय पुरस्कार&colon; सुश्री ग़ज़ाला &lpar;ओरियो&rpar;&period;<br &sol;>इंडियन हिमालयन बिल्ली<br &sol;>प्रथम पुरस्कार&colon; सुश्री आलिया &lpar;परी&rpar;&period;<br &sol;>द्वितीय पुरस्कार&colon; सुश्री आलिया &lpar;लिली&rpar;&period;<br &sol;>बॉम्बे बिल्ली<br &sol;>प्रथम पुरस्कार&colon; सुश्री आलिया &lpar;जोया&rpar;&period;<br &sol;>ओवरऑल चैंपियन<br &sol;>पर्शियन &lpar;फीमेल&rpar; वर्ग&colon; सुश्री इरम फातिमा &lpar;जारा&rpar;। कैट शो में डॉ&period; एस&period;पी&period; शर्मा&comma; सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं हेड&comma; वेटरनरी सर्जरी&comma; बिहार वेटरनरी कॉलेज और डॉ&period; संजीव कुमार&comma; सेकंड-इन-कमांड&comma; 9 एन&period;डी&period;आर&period;एफ&comma; बिहटा&comma; पटना ने निर्णायक की भूमिका निभाई&period; इस अवसर पर डॉ&period; उमेश सिंह&comma; डॉ&period; राजेश&comma; डॉ&period; शाहदेव डे&comma; डॉ&period; रेयाज&comma; डॉ&period; सुधा&comma; डॉ&period; सविता&comma; डॉ&period; आनंदिता श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में पशुप्रेमी&comma; छात्र और आम नागरिक उपस्थित रहे&period; कार्यक्रम को लेकर पूरे परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला।<&sol;p>&NewLine;

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