बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय ने मनाया विश्व पशु चिकित्सा दिवस पखवाड़ा, छात्रों और ग्रामीणों की दिखी सक्रिय भागीदारी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय&comma; पटना द्वारा इस वर्ष विश्व पशु चिकित्सा दिवस को 21 से 25 अप्रैल तक उत्साहपूर्वक पखवाड़े के रूप में मनाया गया&period; इस वर्ष की थीम &&num;8220&semi;पशु स्वास्थ्य&colon; एक टीम का काम है&&num;8221&semi; को केंद्र में रखकर विभिन्न जन-जागरूकता और सेवा आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें छात्रों&comma; शिक्षकों&comma; पशु चिकित्सकों&comma; ग्रामीणों और पशुपालकों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पखवाड़े की शुरुआत वेटरनरी क्लिनिकल कॉम्प्लेक्स&comma; बिहार वेटरनरी कॉलेज में निःशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण अभियान से हुई&period; इस अवसर पर कुल 48 कुत्तों को निःशुल्क टीका लगाया गया और उनके स्वास्थ्य की जांच भी की गई&period; अभियान में संकाय सदस्य व विद्यार्थी भी शामिल रहे&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पशु चिकित्सा को करियर के रूप में प्रोत्साहित करने के लिए चंद्रावती &plus;2 उच्च विद्यालय &lpar;हिलसा&rpar;&comma; महंत केशव दास &plus;2 उच्च विद्यालय &lpar;जहानाबाद&rpar; और मध्य विद्यालय चिरौरा &lpar;नौबतपुर&rpar; में करियर जागरूकता सत्र आयोजित किए गए&period; इन सत्रों के माध्यम से 1&comma;000 से अधिक छात्रों को पशु चिकित्सा की शिक्षा और रोजगार संभावनाओं की जानकारी दी गई&period; 382 छात्रों ने विशेष प्रश्नावली भरकर इस क्षेत्र में रुचि दिखाई&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ग्रामीण क्षेत्रों में तीन स्थानों – सुलतानपुर &lpar;नालंदा&rpar;&comma; भरथू &lpar;जहानाबाद&rpar; और बदीपुर &lpar;पटना&rpar; में पशु स्वास्थ्य शिविर लगाए गए&period; इनमें कुल 194 पशुओं का निःशुल्क परीक्षण और उपचार किया गया&period; पशुओं में प्रजनन&comma; त्वचा&comma; पाचन और कमजोरी जैसी समस्याएं पाई गईं&period; साथ ही&comma; पशुपालकों को कृमिनाशन&comma; टीकाकरण&comma; पोषण और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इन गतिविधियों के सफल आयोजन से इस वर्ष की थीम को साकार रूप मिला&period; विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों की सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त की और शिक्षा&comma; सेवा और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से पशु स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई&period;कॉर्डिनेटर- डॉ&period; पल्लव शेखर&comma; प्रोफेसर&comma; वेटरिनरी मेडिसिन&semi; डॉ शिउली शाहा रॉय&comma; प्रोफेसर&comma; वेटरिनरी पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट&semi; डॉ अंजय&comma; सह-प्राध्यापक&comma; वेटरिनरी पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट&semi; डॉ&period; सरोज&comma; सह-प्राध्यापक&comma; प्रसार शिक्षा विभाग&semi; डॉ&period; के&period;पी&period; शायमा&semi; डॉ&period; आलोक&comma; डॉ&period; विवेक&comma; डॉ&period; दुष्यंत&comma; डॉ&period; शीतल&comma; डॉ&period; रविशंकर मंडल। डॉ&period; दिनेश महतो&comma; पशुचिकित्सक&comma; केवीके&comma; गंधार&semi; तथा सभी स्कूल के हेडमास्टर में सहयोग किया।<&sol;p>&NewLine;

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