विश्व किडनी दिवस पर पारस एचएमआरआई अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत। <&sol;strong>विश्व किडनी दिवस के अवसर पर पटना स्थित पारस एचएमआरआई अस्पताल में किडनी रोगों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया&period; इस दौरान किडनी प्रत्यारोपण और डायलिसिस से जुड़े मरीजों तथा किडनी दाताओं को सम्मानित किया गया और लोगों को समय-समय पर जांच कराने की सलाह दी गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेफ्रोलॉजी विभाग के निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ&period; शशि कुमार ने कहा कि किडनी से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं और यह महामारी की तरह फैलती जा रही हैं&period; उन्होंने बताया कि भारत में करीब 13 से 17 प्रतिशत लोग किसी न किसी किडनी रोग से प्रभावित हैं&comma; जिसकी संख्या लगभग 15 करोड़ तक पहुंच चुकी है&period; उच्च रक्तचाप&comma; मधुमेह&comma; 45 से 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग तथा जिनके परिवार में पहले से किडनी रोग का इतिहास है&comma; वे इस बीमारी के ज्यादा जोखिम में रहते हैं&period; ऐसे लोगों को नियमित जांच करानी चाहिए ताकि शुरुआती चरण में बीमारी का पता चल सके और समय पर इलाज शुरू किया जा सके&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ&period; जमशेद अनवर ने बताया कि उच्च रक्तचाप&comma; दर्द निवारक दवाओं का अधिक सेवन और संक्रमण किडनी रोग के प्रमुख कारण हैं&period; इस वर्ष विश्व किडनी दिवस की थीम &OpenCurlyDoubleQuote;सभी के लिए किडनी स्वास्थ्य&comma; लोगों की देखभाल और पर्यावरण की रक्षा” रखी गई है&comma; जिसका उद्देश्य लोगों को समय रहते किडनी की जांच कराने के प्रति जागरूक करना है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस मौके पर अस्पताल के जोनल निदेशक अनिल कुमार ने कहा कि जब किसी मरीज की किडनी इतनी कमजोर हो जाती है कि वह शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर नहीं निकाल पाती&comma; तब इलाज के दो प्रमुख विकल्प होते हैं&period; पहला डायलिसिस&comma; जिसमें मशीन के जरिए शरीर की गंदगी को बाहर निकाला जाता है&comma; और दूसरा किडनी प्रत्यारोपण&comma; जिसमें स्वस्थ व्यक्ति की किडनी प्रत्यारोपित की जाती है। आमतौर पर ऐसी स्थिति में प्रत्यारोपण को बेहतर विकल्प माना जाता है&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में जनरल सर्जरी के निदेशक डॉ&period; ए&period; ए&period; हई&comma; यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ&period; अपूर्व चौधरी&comma; डॉ&period; राजीव कुमार&comma; डॉ&period; विकास कुमार&comma; डॉ&period; सुजय रंजन और डॉ&period; कुमार गौरव सहित कई चिकित्सकों ने भी किडनी स्वास्थ्य को लेकर अपने विचार साझा किए और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।<&sol;p>&NewLine;

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