स्व-स्तन परिक्षण की जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित “जागरूकता ही बचाव है” कार्यक्रम आयोजित

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजित &colon;<&sol;strong> जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल&comma; पटना ने महिलाओं में स्व-स्तन परिक्षण की जागरूकता बढ़ाने के लिए &OpenCurlyDoubleQuote;जागरूकता ही बचाव है” कार्यक्रम का आयोजन किया&period; कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को स्व-स्तन परिक्षण की महत्वता समझाना और उन्हें इसे नियमित रूप से अपनाने के लिए प्रेरित करना है।। कार्यक्रम के लिए मेदांता ग्रुप के सी एम् डी डाॅ&period; नरेश त्रेहन ने एक संदेश साझा करते हुए कहा&comma; &OpenCurlyDoubleQuote;स्तन कैंसर से बचाव के लिए शुरुआती पहचान और जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है। यह कार्यक्रम महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने और स्व-स्तन परिक्षण के महत्व को समझाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। हमारा उद्देश्य हर महिला को यह सशक्त बनाना है कि वह अपने स्वास्थ्य का ध्यान स्वयं रख सके।”<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डिपार्टमेंट ऑफ़ ब्रैस्ट सर्विस&comma; मेदांता की सीनियर कंसल्टेंट डाॅ&period; निहारिका रॉय ने बताया कि बिहार जैसे राज्यों में महिलाओं में स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर बातचीत करने की झिझक और जागरूकता की कमी के कारण स्तन कैंसर के मामलों की पहचान अक्सर देर से होती है। उन्होंने कहा&comma; &OpenCurlyDoubleQuote;स्व-स्तन परिक्षण एक आसान और प्रभावी प्रक्रिया है&comma; जो महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाती है। इससे किसी भी असामान्यता का समय रहते पता लगाया जा सकता है और इलाज आसान हो जाता है।&OpenCurlyDoubleQuote; डाॅ&period; निहारिका रॉय ने आगे कहा&comma; &OpenCurlyDoubleQuote;महिलाओं को महीने में एक बार स्व-स्तन परिक्षण करनी चाहिए। यदि कोई गांठ&comma; निपल से स्राव&comma; दर्द या त्वचा में बदलाव महसूस हो&comma; तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।”<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस कार्यक्रम में 1000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया&comma; जिसमें वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी&comma; डॉक्टर&comma; और महिला स्वास्थ्य पर कार्यरत संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। स्व-स्तन परिक्षण के महत्व को समझाने के लिए कार्यक्रम में पैनल डिस्कशन&comma; नाटक&comma; और विशेष प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डाॅ&period; शांति राय और अन्य विशेषज्ञों ने महिलाओं को स्व-स्तन परिक्षण के सही तरीकों और इससे जुड़ी सावधानियों के बारे में जानकारी दी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जयप्रभा मेदांता के मेडिकल डायरेक्टर डाॅ&period; रवि शंकर सिंह ने इस कार्यक्रम के अवसर पर कहा &OpenCurlyDoubleQuote;मेदांता महिलाओं को स्व-स्तन परिक्षण के महत्व को समझाने और उन्हें जागरूक करने के लिए प्रतिबद्ध है। स्तन सम्बंधित बिमारियों के प्रति जागरूकता के लिए स्व-स्तन परिक्षण आपके स्तनों की जाँच है जो आप स्वयं करते हैं। अपने स्तनों के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद के लिए&comma; आप यह जानने के लिए अपनी आंखों और हाथों का उपयोग करें कि क्या आपके स्तनों के रंगरूप और अनुभव में कोई बदलाव है। यदि आप स्तन में नए परिवर्तन देखते हैं&comma; तो अपने चिकित्सक से उन पर चर्चा करें। स्तन जागरूकता के लिए स्व-स्तन परिक्षण के दौरान पाए जाने वाले अधिकांश स्तन परिवर्तन कोई गंभीर बात नहीं हैं। हालाँकि&comma; कुछ बदलाव किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकते हैं&comma; जैसे स्तन कैंसर। कार्यक्रम महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की देखभाल करने और शुरुआती पहचान से उनके जीवन की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।&&num;8221&semi;<&sol;p>&NewLine;

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