जागरूकता से मलेरिया सहित मच्छर जनित बीमारियों से बचाव संभव

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> गर्मी के मौसम में मच्छरों का आतंक काफी बढ़ जाता है। इससे मलेरिया&comma; डेंगू सहित मच्छर जनित अन्य बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। इस पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। मलेरिया के खतरों के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मलेरिया माह आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान पूरे महीने जागरूकता संबंधी कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>हर उम्र के लोगों को है मलेरिया का खतरा &&num;8211&semi;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि मलेरिया एक प्रकार का बुखार है। जो किसी भी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित कर सकता है। इसमें कंपकपी के साथ तेज बुखार की शिकायत होती है। कुछ घंटों बाद पसीने के साथ बुखार उतर जाता है। बुखार निश्चित अंतराल पर आता-जाता है। फेलसीपेरम मलेरिया यानी दिमागी बुखार इसका सबसे खतरनाक रूप है। इसमें पीलिया व गुर्दे की खराबी व रोगी में खून की कमी की समस्या होती है। उन्होंने कहा कि मलेरिया सहित अन्य मच्छर जनित रोगों के प्रति आम लोगों को जागरूक करना मलेरिया माह का उद्देश्य है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जलजमाव वाले इलाकों में हो रहा छिड़काव &&num;8212&semi;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया मलेरिया माह के दौरान विभिन्न स्तरों पर जागरूकता संबंधी कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। शहरी व ग्रामीण इलाकों में जल जमाव वाले क्षेत्र को चिह्नित करते हुए वहां फागिंग करायी जानी है। मच्छर के लार्वा को खत्म करने के लिये टेमीफोस के छिड़काव को लेकर सभी तैयारी कर ली गयी हैं । शहरी क्षेत्र में फांगिंग का कार्य संबंधित नगर प्रशासन के माध्यम से कराया जाना है। वहीं ग्रामीण इलाकों में आशा जलजमाव वाले क्षेत्र की जानकारी देगी। वहां विभागीय स्तर से टेमीफोस का छिड़काव संपन्न कराया जाना है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>नि&colon;शुल्क जांच व इलाज का है इंतजाम-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>डीवीबीडीसीओ डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि मलेरिया से बचाव के लिये हमें अपने आसपास जलजमाव नहीं होने देना चाहिये। हर सप्ताह कूलर&comma; पानी के कंटेनर व अन्य जल संग्रहण स्रोतों की सफाई जरूरी है। मच्छरदानी का उपयोग मलेरिया से बचाव के लिये जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मलेरिया के नि&colon;शुल्क जांच व इलाज का इंतजाम उपलब्ध है। इससे संबंधी किसी तरह की समस्या होने पर तत्काल लोगों को अपना इलाज कराना चाहिये।<&sol;p>&NewLine;

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