गैर संचारी रोग नियंत्रण संबंधी उपायों की मजबूती में आशा की भूमिका महत्वपूर्ण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color" style&equals;"color&colon; &num;cf2e2e">अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;mark><&sol;strong> गैर संचारी रोग यानी एनसीडी ऐसी दीर्घकालिक बीमारी है। जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है। बावजूद इसके गैर संचारी रोग भारत में होने वाली मौत के बड़े कारणों में से एक है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक देश में होने वाली सभी मौतों में एनसीडी का योगदान 66 फीसदी है। गैर संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत एनपीसीडीसीएस कार्यक्रम संचालित है। कार्यक्रम की सफलता के लिये जिले की आशा कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है। सदर अस्पताल के पीकू वार्ड में दिये जा रहे प्रशिक्षण का उद्घाटन सोमवार को एसीएमओ डॉ राजेश कुमार&comma; डीआइओ डॉ मोईज&comma; डीसीएम सौरव कुमार&comma; डीपीएम एड्स अखिलेश कुमार सिंह&comma; एफएलसी प्रभात रंजनख् रमन कुमार सहित अन्य ने सामूहिक रूप से किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>एनसीडी रोग नियंत्रण को मिलेगा बढ़ावा<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एसीएमओ डॉ राजेश कुमार ने बताया कि नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रीवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ कैंसर&comma; डायबिटीज&comma; कार्डियो वैस्कुलर&comma; डिजीज व स्ट्रोक्स यानी एनपीसीडीसीएस कार्यक्रम के तहत गैर संचारी रोग के संभावित खतरों के प्रति लोगों को जागरूक करने व इसकी रोकथाम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आशा कार्यकर्ता&comma; फैसिलिटेटर&comma; ग्रामीण इलाकों में कार्यरत एएनएम को जरूरी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कैंसर&comma; मधुमेह&comma; हृदय रोग व स्ट्रोक संबंधी मामलों की रोकथाम व नियंत्रण के लिये के लिये संचालित पॉपुलेशन बेस्ड मास स्क्रीनिंग फॉर एनसीडी कार्यक्रम के तहत 30 साल से अधिक आयु वर्ग के सभी लोगों का स्क्रीनिंग किया जा रहा है। ताकि सामान्य लक्षणों के आधार पर कैंसर&comma; मधुमेह&comma; हृदय रोग संबंधी मामलों को चिह्नित कर हुए उन्हें इलाज की सुविधा दिया जा सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>गैर संचारी रोग नियंत्रण में आशा की भूमिका महत्वपूर्ण<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मोईज ने बताया की गैर संचारी रोगों की समय पर पहचान व इलाज संबंधी सुविधा लोगों को उपलब्ध कराने के लिये कर्मियों को जरूरी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के उपरांत आशा कार्यकर्ता संबंधित क्षेत्र के 30 साल से अधिक आयु वर्ग के स्त्री व पुरूष का सी बैक फार्म व फैमिली फोल्डर भरेंगी। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत एएनएम फार्म को एनसीडी एप्लीकेशन पर अपलोड करेंगी। बीमारी की पुष्टि होने पर रोगियों को इलाज की समुचित सुविधा मुहैया कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि गैर संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कुल 88 बैच में संचालित होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एनपीसीडीसीएस कार्यक्रम के तहत आशा&comma; आशा फैसिलिटेटर&comma; व एएनएम का प्रशिक्षण कुल 88 बैच में करीब तीन महीने तक संचालित होगा। इसमें जिले की कुल 2507 आशा कार्यकर्ता&comma; 121 आशा फैसिलिटेटर व 274 एएनएम भाग लेंगी। जानकारी देते हुए एनसीडी कार्यक्रम के एफएलसी प्रभात रंजन ने बताया कि आशा कार्यकर्ता&comma; फैसिलिटेटर व एएनएम को संयुक्त रूप से दिया जा रहा है। इस एक दिवसीय प्रशिक्षण में सी बैक&comma; फैमिली फॉल्डर व एनसीडी एप से संबंधित जरूरी जानकारी उपलब्ध कराया जाना है।<&sol;p>&NewLine;

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