मौसम बदलते ही खनन माफिया सक्रिय नदी को बनाये हुआ है निशाना

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर मौसम बदलते ही अररिया जिले के विभिन्न नदियों में खनन माफियों का सक्रियता बढ़ती जा रही है। ना तो इनको पुलिस का डर है और ना ही खनन पदाधिकारियों का। दिन के उजाले में बेखौफ होकर नदियों से जेसीबी मशीन लगाकर हाईवा वाहन से मिट्टी और बालू का ढुलाई करते हैं। यह मामला फारबिसगंज अनुमंडल क्षेत्र के सीमावर्ती नदियां- परमान नदी&comma;बूढ़ी नदी&comma;सुरसर नदी&comma; के अलावे कोसी से निकलने वाली छोटी-छोटी नदियों से अवैध तरीके से मिट्टी और बालू का खनन किया जा रहा है और यह सिलसिला प्रत्येक दिन का है। कभी कभार ग्रामीणों के सूचना पर खनन पदाधिकारीयों के वाहन नदी के इर्द-गिर्द जाते ही ट्रैक्टर ट्रॉली एवं हाईवा वाहन नदी से हटा लिया जाता है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मानो पदाधिकारी के आने की सूचना खनन माफिया को पहले ही मिल जाता है। बताते चलें कि जहां अवैध खनन से नदी की सूरत और तस्वीर बदल रही है&comma; वहीं बाढ़ बरसात के समय क्षेत्र में बाढ़ का आना निश्चित हो जाता है। जिससे सरकार को लाखों रुपया खर्च करना पड़ता है तथा आम जनमानस भी बाढ़ के कारण त्राहिमाम रहते हैं। नाम नहीं छापने के शर्त पर क्षेत्र के कुछ ऐसे जनप्रतिनिधि हैं जो बताते हैं कि खनन माफिया इतने प्रभावशाली लोग हैं&comma; कि ग्रामीणों के द्वारा शिकायत करने के बावजूद भी उसपर विभागीय कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। केवल खानापूर्ति कर खनन माफियाओं को बचाया जाता है। लोगों ने कहा समय रहते अगर इस पर रोक नहीं लगाया गया तो बरसात के समय बाढ़ का आना निश्चित माना जा सकता है। जिससे लोगों का फसल&comma; घर वार आदि बर्बाद होने की संभावना बनी रहती है।<&sol;p>&NewLine;

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