अररिया : भरगामा के पीएचसी प्रभारी के खिलाफ विभागीय एक्शन ना होने से लोगों में आक्रोश, डीएम ने कहा चिंता ना करें जल्द होगी कार्रवाई

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;mark><&sol;strong> बिहार में सरकार क्या बदली यहां कार्यरत सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों की कार्यशैली भी बदल गई है। ताजा मामला प्राथमिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरगामा से जुड़ा हुआ है। सूत्र बताते हैं कि भरगामा अस्पताल में ना प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बैठते हैं&comma;ना चिकित्सक रहते हैं&comma;और ना हीं चिकित्सकों को जिला प्रसाशन का डर है। यही कारण है कि शंभू विश्वास का भरगामा अस्पताल में इलाज के अभाव में मौत हो गई। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> बताते चलें कि बीते 25 अगस्त को भरगामा पंचायत के वार्ड 05 निवासी शंभू विश्वास का प्राथमिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरगामा में मौत के मामले में शंभू विश्वास की पत्नी माया देवी सहित उनके परिजनों का प्रभारी चिकत्सा पदाधिकारी डॉक्टर संतोष कुमार पर आरोप था कि चिकित्सक के अभाव में समय पर उपचार नही मिलने से उनके पति की मौत हो गयी। जिसको लेकर परिजनों सहित ग्रामीणों में भी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं चिकित्सकों के खिलाफ आक्रोश पैदा हो गया। आपको बता दें कि शंभू विश्वास की हालत बिगड़ने पर ग्रामीणों के सहयोग से उन्हें भरगामा अस्पताल लाया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> लेकिन यहां पर करीब 3 घंटे तक कोई चिकित्सक नहीं था। ऐसे में समय रहते मरीज शंभू विश्वास को कोई इलाज नहीं मिल पाया। जिससे उसने अस्पताल में हीं दम तोड़ दिया। ऐसे में भरगामा प्रखंड के पूर्व प्रमुख विजय यादव ने कहा कि शंभू विश्वास के परिजनों के अनुसार 3 घंटे तक चिकित्सक अस्पताल में नहीं था&comma;अगर मौके पर चिकित्सक होता तो मरीज की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने यह भी कहा कि जानकारी मिल रही है कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ संतोष कुमार भरगामा हाट स्थित सावित्री कॉम्प्लेक्स में एक निजी माँ क्लिनिक खोल लिए हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> और अस्पताल ड्यूटी के समय में भी वो अपने निजी क्लीनिक में बैठते हैं। और गरीब मरीजों से अवैध उगाही करते हैं। अगर समय रहते हुए इस मामले में विभाग के द्वारा दोषी चिकित्सकों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो परिणाम बहुत बुरा होगा। इस सम्बंध में डीएम इनायत खान ने बताया कि मामला बहुत गंभीर है। आखिरकार मरीज की मौत किन कारणों से हुई है। इसका उच्चस्तरीय जांच कर दोषी चिकित्सकों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।<&sol;p>&NewLine;

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