अररिया : महथावा दुर्गा मंदिर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी होगा भव्य आयोजन, नौ दिवसीय नवाह की तैयारियां जोरों पर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;mark><&sol;strong> अररिया जिले के भरगामा प्रखंड के सार्वजनिक दुर्गा मंदिर महथावा में वैष्णव पद्धति से शक्ति की देवी मां दुर्गे की आठों भुजाओं की पूजा बड़े ही भक्तिभाव के साथ की जाती है। शक्ति की अधिष्ठात्री देवी भगवती का यह मंदिर आसपास के इलाकों के लिए आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि माता के दरबार में जो भी याचक अपनी मनोकामना लेकर शुद्ध मन से आता है&comma;माता उनकी मनोकामना अवश्य पूरी करती हैं। यहां 2009 से हीं लगातार प्रत्येक वर्ष नौ दिवसीय मेला का आयोजन कराया जाता है। यहां के इस प्रख्यात दुर्गा मंदिर के स्थापना के बारे में स्थानीय बूढ़े-बुजुर्ग व स्थानीय ग्रामीणों एवं भक्तों का कहना है कि महथावा के हीं योगेश्वर दास एवं बिंदेश्वरी दास ने मंदिर निर्माण के लिए जमीन दान में दिए थे। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिसके बाद रामविलास भगत&comma;कमल किशोर साह&comma;गणेश दास&comma;सुरेश श्रीवास्तव आदि द्वारा मां की मंदिर की आधारशिला रखी गई थी। वहीं मंदिर कमिटी के उपाध्यक्ष धीरेंद्र दास उर्फ मुन्ना एवं पंडित हरे राम झा आदि ने बताया कि आसपास के इलाकों में यह माता का मंदिर आस्था का केंद्र है। यहां मेले में सुदूर ग्रामीण इलाकों से बड़ी भीड़ उमरती है। आसपास के इलाके में इस तरह का मेला कहीं नहीं लगता। मन्नतें पूरी होने पर श्रद्धालुओं द्वारा यहां प्रत्येक वर्ष लाखों का जेवरात आदि चढ़ावा चढ़ाया जाता है। आपको बता दें कि मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित हरेराम झा ने बताया कि इस बार माता का आगमन गज यानी कि हाथी पर है। जिसका यह संकेत है कि इस वर्ष नवरात्रि पूजा के दौरान भारी बारिश की संभावनाएं हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>और इस बार माता का प्रस्थान चरणायुध यानी की मुर्गा पर है। जिसका यह संकेत है&comma;कि इस बार माता रोग&comma; सोग&comma; कष्ठ&comma;कलह आदि देती हुई जाएगी। आपको बता दें कि पंडित हरेराम झा ने माता के भक्तों से अपील किया है&comma;कि माता के पूजा&comma;अर्चना&comma;आराधना में कोई कमी कसर ना छोड़ें। ताकि मां प्रसन्न हो जाएं। और माता हम भक्तों को सभी बाधाओं से मुक्ति दिलाएं। वहीं नवाह कमिटी के अध्यक्ष धीरेंद्र कुमार दास उर्फ मुन्ना एवं सक्रिय कार्यकर्ता अजय झा&comma;रामकुमार दास आदि ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मंदिर प्रांगण में 15 अक्टूबर 2023 से 24 अक्टूबर 2023 तक नौ दिवसीय नवाह संकीर्तन का भव्य आयोजन किया गया है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिसमें सिंगर ज्योति माही&comma;सोनी श्रीवास्तव&comma;नेहा चंचल&comma;बेबी प्रियांशु&comma;सरगम स्नेहा&comma;मोना सिंह&comma;जया कुमारी&comma;रुचि ठाकुर&comma; आंचल चौधरी&comma;अनुष्का आरती&comma;बी&period;के ब्रिज&comma;विष्णु बिहारी &lpar;छोटे पवन सिंह&rpar;&comma;रिंकी कुमारी&comma;बबलू सागर&comma;मिलन आनंद&comma;दिनेश दिवाना के अलावे भागलपुर के रॉक टी ट्वेंटी म्यूजिकल ग्रुप के कृष्णा राजा&comma;नंदन सिंह&comma;प्रीतम झा&comma;रवीश कुमार&comma;निराले कुमार आदि शामिल हैं।<&sol;p>&NewLine;

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