एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों से किसी तरह का भेदभाव दंडनीय अपराध

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;mark><&sol;strong> जिला एड्स बचाव एवं नियंत्रण इकाई द्वारा शनिवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला स्वास्थ्य समिति सभागार में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता सीडीओ डॉ वाईपी सिंह व जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मोईज ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में जिले की सभी सीडीपीओ&comma; महिला पर्यवेक्षिका ने भाग लिया। बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के तत्वावधान में आयोजित प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम में एचआईवी व एड्स से संबंधित जानकारी देते हुए इसके बीच के अंतर&comma; रोग के प्रसार संबंधी कारण व इस पर प्रभावी नियंत्रण संबंधी उपायों पर विस्तृत चर्चा की गयी। जन जागरूकता को एचआईवी एड्स नियंत्रण के लिये जरूरी बताते हुए इसकी रोकथाम को प्रभावी बनाने संबंधी उपायों पर चर्चा की गयी।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एचआईवी से बचाव के लिये जागरूकता जरूरी<br>कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीडीओ डॉ वाईपी सिंह ने कहा कि एचआईवी एड्स अब तक एक लाइलाज बीमारी है। जागरूकता इस पर प्रभावी नियंत्रण का महत्वपूर्ण जरिया है। एचआईवी के खतरों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिये विभागीय स्तर से जरूरी पहल किये जा रहे हैं। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मोईज ने कहा कि एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों से किसी भी स्तर पर भेदभाव नहीं किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के साथ रहने&comma; खाने-पीने&comma; हाथ मिलाने से नहीं फैलता। इस संबंध में लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। ताकि रोग के प्रति समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर किया जा सके। संक्रमित व्यक्तियों के साथ किसी तरह का भेदभाव कानून अपराध है। एड्स नियंत्रण कानून 2017 के तहत इसके लिये जरूरी कानूनी प्रावधान किये गये हैं। इसके तहत अलग अलग मामलों में दंड व सजा का प प्रावधान है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गर्भवती महिलाओं का एचआईवी जांच जरूरी<br>डीपीएम एड्स अखिलेख कुमार सिंह ने कहा कि एचआईवी संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने के लिये आईसीडीएस की भूमिका महत्वपूर्ण है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से सभी गर्भवती महिलाओं का एचआईवी जांच सुनिश्चित कराना जरूरी है। जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि एचआईवी एड्स से संक्रमित व्यक्ति व उनके 18 साल से अधिक उम्र के बच्चों को सामाजिक सुरक्षा योजना का शत प्रतिशत लाभ मुहैया कराया जाना है। उन्होंने परवरिश योजना लाभ के लिये आवेदन की प्रक्रिया सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी कार्यक्रम के दौरान साझा किया। कार्यक्रम में डीपीओ आईसीडीएस मंजूला कुमारी व्यास&comma; मो शाहिद&comma; पूण्य प्रसून मिश्रा&comma; मो रिजवान&comma; मुकुल कुमार&comma; मुरलीधर साह&comma; रूपेश मंडल सहित अनय उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;

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