गुरुद्वारा हान्डी साहिब में मनाया गया सालाना गुरुपर्व

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;strong> तख्त श्री हरिमन्दिर जी पटना साहिब कमेटी द्वारा गुरुद्वारा हान्डी साहिब दानापुर में हर वर्ष की भान्ति इस वर्ष भी विषेश दीवान सजाए गये जिसमें पंथ के महान कीर्तनी जत्थों द्वारा गुरबाणी कीर्तन श्रवण करवाया गया। तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर ने विषेश तौर पर पहुंचकर संगत को इस दिन के इतिहास की जानकारी दी कि क्यों आज का दिन इस स्थान पर एक पर्व के रुप में मनाया जाता है। तख्त साहिब कमेटी के महासचिव इन्द्रजीत सिंह टाटा नगर ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले कई सालों से आज के दिन गुरुद्वारा हान्डी साहिब में विषेश दीवान सजाए जाते हैं। परसों से श्री अखण्ड पाठ साहिब रखे गये थे जिसकी आज समाप्ति हुई और उसके बाद भाई हरभजन सिंह जी&comma; भाई नदिन्दर सिंह जी&comma; भाई विक्रम सिंह जी&comma; भाई कविन्दर सिंह जी के जत्थे द्वारा संगत को गुरबाणी कीर्तन श्रवण करवाया गया। भाई सुखदेव सिंह द्वारा गुरु इतिहास की कथा की गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2022&sol;02&sol;IMG-20220220-WA0027-840x630&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-28972" &sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर के द्वारा संगतों को इतिहास बताया गया कि क्यों इस दिन दीवान सजाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि आज ही के दिन लगभग 350वर्ष पूर्व दसम पातशाह जब पटना साहिब से श्री आनंदपुर साहिब को रवाना हुए तो इस स्थान पर उन्होंने विश्राम किया उस समय गुरु साहिब की उम्र मात्र 7 वर्ष की थी। इस स्थान पर माता जमुनी देवी ने हांडी में खिचड़ी बनाकर गुरु साहिब को खिलाई थी&comma; तब से इस जगह का नाम हांड़ी साहिब पड़ गया और संगतों द्वारा इस दिन को विषेश पर्व के तौर पर मनाया जाने लगा। सः इन्द्रजीत सिंह ने सभी संगतों का आभार प्रकट किया। इस मौके पर कमेटी के सचिव हरबसं सिंह खनूजा&comma; उपाध्यक्ष एवं धर्म प्रचार कमेटी के चेयरमैन लखविन्दर सिंह&comma; सदस्य गुरविन्दर सिंह&comma; चितकौरा गुरुद्वारा के अध्यक्ष जगजीवन सिंह&comma; गुरशरन सिंह मेजर चावला&comma; जसपाल सिंह सहित बड़ी गिनती में संगतों ने हाजरी भरी।<&sol;p>&NewLine;

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