अनिशा अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली

<p><strong>रांची&colon;<&sol;strong> रिम्स में पीजी फर्स्‍ट ईयर &lpar;फार्मा&rpar; की छात्रा अनिशा झा ने शुक्रवार की देर रात अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। तीन साल पूर्व ही दोनों की शादी हुई थी। अनिशा के पति मयंक प्रियरंजन सैमफोर्ड अस्पताल में मेडिसिन प्रभाग में डाक्टर हैं। दोनों जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के सेल सिटी के फ्लैट में रहते थे। बताया जाता है कि रात में पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। इसके बाद अनिशा ने गुस्से में कमरा बंद कर लिया। उसके बाद पंखे से फंदा लगा कर झूल गई।<br &sol;>&NewLine;काफी आवाज लगाने के बाद भी अनिशा का कमरा नहीं खुला तो रात 12 बजे मयंक ने ससुराल वालों को फोन कर इसकी जानकारी दी। इसके बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो सामने अनिशा फांसी पर लटकी पाई गई। आनन फानन में उसे सैमफोर्ड अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। कमरे से पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला है।<br &sol;>&NewLine;इधर&comma; घटना की जानकारी मिलते ही अनिशा के पिता अधिवक्ता अजय कुमार झा सपरिवार रांची पहुंचे। वे सीधे सैमफोर्ड अस्पताल पहुंचे। यहां सदर थाना पुलिस ने बयान दर्ज किया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद मृतका का शव परिजनों को सौंप दिया। बता दें कि मृतका का ससुराल देवघर में है। तीन साल पहले दोनों का अरेंज मैरेज हुआ था। शादी के बाद अनिशा अपने पति के साथ ही रहती थी। वहीं&comma; अनिशा के मायके वाले मूलत&colon; बांका के रहने वाले हैं&period;<&sol;p>&NewLine;<p>फिलहाल पटना के शास्त्रीनगर के निहारिका अपार्टमेंट में रहते हैं। अनिशा के पिता पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता हैं। पुलिस को दिए बयान में अजय कुमार झा ने कहा कि दामाद और उसके परिवार वाले काफी अच्छे हैं। इसमें दामाद का कोई दोष नहीं है। यह भी कहा कि अक्सर बेटी अपने भाई से बातचीत करती रहती थी। कभी भी ऐसा कुछ नहीं कहा जिससे लगे कि वह परेशान है&period;<&sol;p>&NewLine;<p>एक सप्ताह पहले छुट्टी मना कर लौटी थी अनिशा<br &sol;>&NewLine;पिता के अनुसार बीते वीकेंड पर बेटी-दामाद छुट्टी मनाने कर्नाटक गए हुए थे। अप्रैल में परिवार में शादी है। उसकी तैयारी चल रही है। परिवार वालों ने यह भी बताया कि शुक्रवार को दोपहर में ही घर का सामान ले कर आई थी। सामान बंधा हुआ ही है। उसको ठीक भी नहीं किया गया। मृतका के पिता ने कहा कि शादी के तीन साल बाद भी कोई बच्चा नहीं हुआ था। दोनों बच्चे की प्लानिंग भी कर रहे थे। हालांकि&comma; घर बसने से पहले ही सबकुछ उजड़ गया।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्पित है।मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

वार्षिक सम्मेलन मे शामिल हुए : अनूप भाई

झारखंड के दिशोम गुरु ‘शिबू सोरेन’ नहीं रहे, बेटे हेमंत सोरेन बोले – “आज मैं शून्य हो गया हूं”