पटना विश्वविद्यालय में छात्रों की दस सूत्री मांगों को लेकर एआईएसएफ का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>पटना विश्वविद्यालय में छात्रों की दस सूत्री मांगों को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन &lpar;एआईएसएफ&rpar; का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आज&comma; 7 सितंबर 2026 से पटना विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में हुआ शुरू। इस भूख हड़ताल की शुरुआत तीन छात्र नेताओं बिट्टू भारद्वाज&comma; प्रिंस राज एवं किशलय को माला पहनाकर की गई। इस अवसर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता शंभू जी ने भूख हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि आज जिस तरह देश में छात्रों और युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है तथा पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं&comma; उसी तरह पटना विश्वविद्यालय के कुलपति भी तानाशाही के रास्ते पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की मांगें नहीं मानी गईं&comma; तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एआईएसएफ के पटना जिला सचिव मीर सैफ अली ने कहा कि पटना विश्वविद्यालय देश के सातवें सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में से एक है और इसकी अपनी गौरवशाली परंपरा रही है। लेकिन वर्तमान कुलपति के रवैये के कारण विश्वविद्यालय की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि एलएलबी प्रवेश परीक्षा रद्द नहीं की गई और पीजी में हुई व्यापक फीस वृद्धि को अविलंब वापस नहीं लिया गया&comma; तो एआईएसएफ विश्वविद्यालय में आंदोलन को और व्यापक करेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता बिट्टू भारद्वाज ने कहा कि पिछले दिनों पटना विश्वविद्यालय की एलएलबी प्रवेश परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में प्रसारित होने लगा था। इसकी सूचना तत्काल कुलपति&comma; डीन एवं परीक्षा नियंत्रक को दी गई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रश्नपत्र बाहर आने की बात स्वीकार की&comma; लेकिन परीक्षा रद्द कर निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से पुनः परीक्षा आयोजित कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद एआईएसएफ ने लगातार आंदोलन कर विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाबदेही की मांग की।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि पटना विश्वविद्यालय में पीजी फीस में व्यापक वृद्धि&comma; अब तक MFA की पढ़ाई शुरू नहीं होने&comma; सेंट्रल लाइब्रेरी को 24×7 शुरू करने तथा कैंपस में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सहित छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर संगठन लगातार संघर्षरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रहा है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>भूख हड़ताल को समर्थन देने पहुंचीं अधिवक्ता शगुफ़्ता रशीद ने कहा कि वह छात्रों की मांगों का समर्थन करती हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को निजी हाथों में सौंपने की किसी भी साजिश को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को समर्थन देने पहुंचीं एआईएसएफ पटना विश्वविद्यालय की छात्रनेत्री ईशानी जया ने कहा कि पटना विश्वविद्यालय को जिस तरह सुनियोजित तरीके से बर्बाद किया जा रहा है&comma; उसे एआईएसएफ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>एआईएसएफ की प्रमुख मांगें<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ol class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>एलएलबी प्रवेश परीक्षा में हुई प्रश्नपत्र लीक की घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा परीक्षा रद्द कर पुनः परीक्षा आयोजित की जाए।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>पीजी में हुई व्यापक फीस वृद्धि को अविलंब वापस लिया जाए।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>पटना विश्वविद्यालय में MFA की पढ़ाई अविलंब शुरू की जाए।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>पटना विश्वविद्यालय सेंट्रल लाइब्रेरी को 24×7 शुरू किया जाए।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>विश्वविद्यालय परिसर में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के लिए भयमुक्त एवं लोकतांत्रिक वातावरण सुनिश्चित किया जाए।<br>समेत तमाम मुद्दों को लेकर एआईएसएफ की दस सूत्री मांगों को अविलंब समाधान किया जाए।<&sol;li>&NewLine;<&sol;ol>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एआईएसएफ ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की मांगों का समाधान होने तक भूख हड़ताल जारी रहेगा।<&sol;p>&NewLine;

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