एम्स पटना 8 से 9 जुलाई को आयोजित करेगा ‘मास्टर काइज़ेन’ कार्यक्रम

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> हृदय चिकित्सा में बढ़ती जटिलताओं के बीच अब युवा चिकित्सक वास्तविक मरीजों पर उपचार करने से पहले अत्याधुनिक सिमुलेटर पर जटिल प्रक्रियाओं का अभ्यास कर सकेंगे। चिकित्सा शिक्षा में इसी आधुनिक और सुरक्षित प्रशिक्षण पद्धति को बढ़ावा देने की दिशा में एम्स पटना का कार्डियोलॉजी विभाग&comma; टेरूमो इंडिया स्किल लैब के सहयोग से 8 एवं 9 जुलाई 2026 को &&num;8216&semi;मास्टर काइज़ेन के प्रथम संस्करण का आयोजन करने जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यह दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम युवा हृदय रोग विशेषज्ञों&comma; डीएम कार्डियोलॉजी रेजिडेंट्स एवं इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के प्रशिक्षुओं को जटिल कोरोनरी इंटरवेंशन की नवीनतम तकनीकों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में विशेषज्ञ व्याख्यान&comma; लाइव कार्यशालाएँ&comma; केस आधारित चर्चाएँ और हाई फिडेलिटी सिमुलेटर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण का अनूठा समन्वय होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण है। इसमें प्रतिभागी वास्तविक मरीजों पर प्रक्रिया करने से पहले अत्याधुनिक सिमुलेटर पर बार-बार अभ्यास करेंगे। इससे उनकी तकनीकी दक्षता&comma; नैदानिक निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास विकसित होगा। साथ ही वे संभावित जटिल परिस्थितियों की पहचान और उनके प्रभावी समाधान का अभ्यास भी पूरी तरह सुरक्षित वातावरण में कर सकेंगे। यह प्रशिक्षण मॉडल मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उपचार की गुणवत्ता को भी नई ऊँचाई प्रदान करेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस वर्ष कार्यक्रम का मुख्य विषय एडवांस्ड बाइफर्केशन परक्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेंशन है&comma; जिसे इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की सबसे चुनौतीपूर्ण प्रक्रियाओं में गिना जाता है। प्रतिभागियों को एडवांस्ड स्टेंट तकनीकों&comma; इंट्रावास्कुलर इमेजिंग&comma; प्रक्रिया की वैज्ञानिक योजना और जटिलताओं के प्रभावी प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद का अवसर भी देगा जिससे वे विश्वस्तरीय तकनीकों और आधुनिक उपचार पद्धतियों को निकट से समझ सकेंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम का आयोजन एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो&period; &lpar;ब्रिगेडियर&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल के मुख्य संरक्षण में किया जा रहा है। एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति एवं वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ&period; भानु दुग्गल मुख्य अतिथि होंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम का शैक्षणिक नेतृत्व जापान के विख्यात इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ&period; केनिचिरो शिमोजी तथा एम्स पटना के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ&period; अनुपम भंभानी संयुक्त रूप से करेंगे। यह भारत और जापान के बीच ज्ञान&comma; कौशल और चिकित्सा नवाचार के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस मौके पर प्रो&period; &lpar;ब्रिगेडियर&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल ने कहा कि &&num;8220&semi;सिमुलेशन आधारित शिक्षा चिकित्सा प्रशिक्षण के भविष्य की आधारशिला है। सुरक्षित वातावरण में अभ्यास से युवा चिकित्सकों की दक्षता और आत्मविश्वास दोनों बढ़ते हैं&comma; जिसका सीधा लाभ मरीजों की सुरक्षा और बेहतर उपचार के रूप में मिलता है।&&num;8221&semi;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं टेरूमो इंडिया के प्रेसिडेंट एवं मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर अग्रवाल ने कहा कि &&num;8220&semi;हम अगली पीढ़ी के हृदय रोग विशेषज्ञों को वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देकर भारत में सुरक्षित&comma; गुणवत्तापूर्ण और मरीज-केंद्रित हृदय चिकित्सा को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।&&num;8221&semi;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम की आयोजन अध्यक्ष एवं कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ&period; अनुपम भंभानी ने कहा कि &&num;8220&semi;मास्टर काइज़ेन में प्रतिभागी पहले विशेषज्ञों से जटिल प्रक्रियाओं के वैज्ञानिक और तकनीकी पहलुओं को समझेंगे फिर उन्हीं तकनीकों का हाई-फिडेलिटी सिमुलेटर पर बार-बार अभ्यास करेंगे। इससे उनकी तकनीकी दक्षता&comma; निर्णय क्षमता और जटिल परिस्थितियों से निपटने का आत्मविश्वास बढ़ेगा। मास्टर काइज़ेन के माध्यम से एम्स पटना उन्नत हृदय चिकित्सा&comma; चिकित्सा शिक्षा और नैदानिक नवाचार के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका को और मजबूत कर रहा है। यह पहल कौशल विकास&comma; अंतरराष्ट्रीय सहयोग और क्षमता निर्माण के लिए एक स्थायी मंच तैयार करेगी तथा भारत में अधिक सुरक्षित&comma; सटीक और मरीज-केंद्रित हृदय चिकित्सा को नई गति देगी।<&sol;p>&NewLine;

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